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Whatsapp Terms And Conditions 2021 What Is It And How It Affects You All You Need To Know Is Here – 16 तरह की जानकारियां लेता है Whatsapp, चैट का विज्ञापन में होगा इस्तेमाल, आसान भाषा में पढ़ें नई शर्तें

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व्हाट्सएप के इस्तेमाल की नई शर्तें आठ फरवरी 2021 से लागू हो रही हैं। WhatsApp ने अपने यूजर्स को नई सेवा शर्तों को लेकर नोटिफिकेशन देना शुरू कर दिया है और यदि कोई यूजर नई शर्तों को स्वीकार नहीं करता है तो आठ फरवरी के बाद कंपनी उसके अकाउंट को बंद कर देगी। WhatsApp ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि आपको एप इस्तेमाल करना है तो आपको उसकी सेवा शर्तें को पूरी तरह से स्वीकार करना होगा, वरना आप चाहें तो अपना WhatsApp अकाउंट डिलीट कर सकते हैं।

आपसे कौन-कौन सी जानकारियां लेता है WhatsApp?
व्हाट्सएप की शर्तों को लेकर आसान भाषा में अभी तक कोई जानकारी उपलब्ध नहीं थी लेकिन एपल के एप स्टोर की नई प्राइवेसी के बाद WhatsApp को मजबूरन आम भाषा में बताना पड़ा है कि वह यूजर्स से कौन-कौन सी जानकारियां लेता है। एपल एप स्टोर पर WhatsApp की लिस्टिंग के मुताबिक व्हाट्सएप अपने यूजर्स से 16 तरह की जानकारियां लेता है जिनमें फोन के मॉडल की जानकारी समेत पेमेंट तक की जानकारियां शामिल हैं।

  1. डिवाइस आईडी (Device ID)
  2. यूजर आईडी (User ID)
  3. विज्ञापन डाटा (Advertising Data)
  4. खरीदारी की हिस्ट्री (Purchase History)
  5. लोकेशन (Location)
  6. फोन नंबर (Phone Number)
  7. ई-मेल (Email Address)
  8. कॉन्टेक्ट लिस्ट (Contacts)
  9. प्रोडक्ट इंटिग्रेशन (Product Interaction)
  10. क्रैश डाटा (Crash Data)
  11. परफॉर्मेंस डाटा (Performance Data)
  12. अदर्स डायग्नॉस्टिक डाटा (Other Diagnostic Data)
  13. पेमेंट इंफॉर्मेशन (Payment Info)
  14. कस्टमर सपोर्ट (Customer Support)
  15. प्रोडक्ट इंट्रेक्शन (Product Interaction)
  16. अदर्स यूजर्स कंटेंट (Other User Content)
यह तो आपको पता ही है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स में फेसबुक का एकाधिकार है। व्हाट्सएप से लेकर इंस्टाग्राम और फेसबुक तक का मालिक एक ही है। यह बात भी आप अच्छी तरह से जानते हैं कि इस दुनिया में कुछ भी मुफ्त में नहीं मिलता है यानी जो चीजें आपको प्रत्यक्ष रूप से मुफ्त में मिलती हैं, उसकी कीमत आप अप्रत्यक्ष रूप से चुकाते हैं। डाटा नई दुनिया का तेल है और डाटा माइनिंग आज सबसे बड़ा बिजनेस और सबसे बड़ा हथियार है। आज जिसके पास जितना अधिक डाटा है, वह उतना ही ताकतवर है। आपसे ली गई जानकारियों का इस्तेमाल इतने बड़े स्तर पर होता है जिसका आपको अंदाजा तक नहीं होगा। आपको हैरानी होगी कि आपके द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर की गईं जानकारियों का इस्तेमाल सरकार बनाने से लेकर सरकार गिराने तक में किया जा सकता है।

आपसे ली गईं जानकारियों का WhatsApp कैसे करेगा इस्तेमाल?
कोई भी कंपनी आपसे आपसे दो तरीके से डाटा लेती है और ये दो तरीके प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष हैं। जब भी आप किसी वेबसाइट पर जानते हैं तो आप कूकिज के लिए हां करते हैं। जब भी आप कोई एप या सॉफ्टवेयर को फोन या कंप्यूटर में इस्टॉल करते हैं तो उसकी सेवा शर्तों को बिना पढ़े स्वीकार कर लेते हैं। आमतौर पर कोई कंपनी सीधे तौर पर यह नहीं कहती है कि वह आपके डाटा का इस्तेमाल अपने बिजनेस के लिए करेगी और किसी अन्य कंपनी के साथ शेयर करेगी लेकिन WhatsApp कई नई सेवा शर्तों में यह साफतौर पर लिखा गया है कि वह आपके डाटा को फेसबुक और उसकी अन्य कंपनियों के साथ शेयर करेगा।

मतलब यह कि व्हाट्सएप पर आप किससे क्या बात कर रहे हैं, कौन-सा लिंक शेयर कर रहे हैं, किस ग्रुप में ज्यादा मैसेज कर रहे हैं, कहां जा रहे हैं, किसके साथ लोकेशन शेयर कर रहे हैं। इन सभी जानकारियों को व्हाट्सएप अपने सर्वर पर स्टोर करेगा और फिर इनका इस्तेमाल फेसबुक और इंस्टाग्राम पर विज्ञापन के लिए करेगा। इसके अलावा फेसबुक आपके डाटा को उन कंपनियों के साथ भी शेयर करेगा जो कि उसके पार्टनर हैं।
 

यूजर डाटा प्रोटेक्शन को लेकर भारत में कानून तो है लेकिन वह हाथी के दांत जैसा है यानी इस कानून के तहत किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता है और ना ही उसे सजा हो सकती है। ऐसे में टेक कंपनियों पर डाटा प्रोटेक्शन को लेकर भारत से किसी प्रकार का कोई डर नहीं है, जबकि अमेरिका और यूरोप जैसे देश में यूजर डाटा प्रोटेक्शन को लेकर सजा और भारी-भरकम जुर्माने तक का प्रावधान है। अमेरिका जैसे देश ने इन टेक कंपनियों पर डाटा को लेकर दवाब बनाना भी शुरू कर दिया है। भारत में डाटा प्रोटेक्शन को लेकर जो कानून है उसमें देश के अंदर सर्वर लगाने से ज्यादा कुछ नहीं है। अब सरकार के लिए यह जरूरी है कि वह कठोर डाटा प्रोटेक्शन कानून लाए ताकि यूजर्स को अपने डाटा को लेकर निश्चिंत रहें।

नई शर्तों के मुताबिक व्हाट्सएप आपके एक-एक मैसेज पर बारिकी से नजर रखेगा, उसे पढ़ेगा, समझेगा और एक फाइल तैयार करेगा, जबकि व्हाट्सएप हमेशा से कहता आ रहा है कि उसका एप पूरी तरह से एंड टू एंड एंक्रिप्टेड है यानी आपके मैसेज की जानकारी सिर्फ आपके और प्राप्त करने वाले पास रहती है। मतलब नई शर्तों के मुताबिक व्हाट्सएप अब एंड टू एंड एंक्रिप्टेड नहीं रह जाएगा। कंपनी आपके मैसेज देखेगी और उसे अपने सर्वर पर स्टोर करेगी।

आप किससे सबसे ज्यादा चैट करते हैं, किस ग्रुप में सबसे ज्यादा मैसेज करते हैं, कौन-से प्रोडक्ट की फोटो शेयर करते हैं, आपकी लोकेशन क्या है, ऐसे सभी जानकारी व्हाट्सएप के पास होगी। Whatsapp की नई शर्तों के लागू होने के बाद व्हाट्सएप आपकी चैटिंग पर नजर रखेगा और आपके मैसेज के आधार पर फेसबुक और इंस्टाग्राम पर विज्ञापन दिखाए जाएंगे। 

इसे एक उदाहरण से समझें तो मान लीजिए कि आप अपने दोस्त के साथ अमेजन पर बिक रहे किसी प्रोडक्ट का लिंक शेयर करते हैं तो व्हाट्सएप आपके इस मैसेज के आधार पर आपको और आपके दोस्त को उस प्रोडक्ट का विज्ञापन फेसबुक और इंस्टाग्राम पर दिखाए। तो कुल मिलाकर बात इतनी-सी है कि आपके व्हाट्सएप डाटा का इस्तेमाल फेसबुक अपने बिजनेस, अपने फायदे के लिए करेगा और इसे आप रोक नहीं सकते, यदि आपको रोकना है तो आपको अपने व्हाट्सएप अकाउंट को डिलीट करना होगा।

व्हाट्सएप के इस्तेमाल की नई शर्तें आठ फरवरी 2021 से लागू हो रही हैं। WhatsApp ने अपने यूजर्स को नई सेवा शर्तों को लेकर नोटिफिकेशन देना शुरू कर दिया है और यदि कोई यूजर नई शर्तों को स्वीकार नहीं करता है तो आठ फरवरी के बाद कंपनी उसके अकाउंट को बंद कर देगी। WhatsApp ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि आपको एप इस्तेमाल करना है तो आपको उसकी सेवा शर्तें को पूरी तरह से स्वीकार करना होगा, वरना आप चाहें तो अपना WhatsApp अकाउंट डिलीट कर सकते हैं।

आपसे कौन-कौन सी जानकारियां लेता है WhatsApp?

व्हाट्सएप की शर्तों को लेकर आसान भाषा में अभी तक कोई जानकारी उपलब्ध नहीं थी लेकिन एपल के एप स्टोर की नई प्राइवेसी के बाद WhatsApp को मजबूरन आम भाषा में बताना पड़ा है कि वह यूजर्स से कौन-कौन सी जानकारियां लेता है। एपल एप स्टोर पर WhatsApp की लिस्टिंग के मुताबिक व्हाट्सएप अपने यूजर्स से 16 तरह की जानकारियां लेता है जिनमें फोन के मॉडल की जानकारी समेत पेमेंट तक की जानकारियां शामिल हैं।

  1. डिवाइस आईडी (Device ID)
  2. यूजर आईडी (User ID)
  3. विज्ञापन डाटा (Advertising Data)
  4. खरीदारी की हिस्ट्री (Purchase History)
  5. लोकेशन (Location)
  6. फोन नंबर (Phone Number)
  7. ई-मेल (Email Address)
  8. कॉन्टेक्ट लिस्ट (Contacts)
  9. प्रोडक्ट इंटिग्रेशन (Product Interaction)
  10. क्रैश डाटा (Crash Data)
  11. परफॉर्मेंस डाटा (Performance Data)
  12. अदर्स डायग्नॉस्टिक डाटा (Other Diagnostic Data)
  13. पेमेंट इंफॉर्मेशन (Payment Info)
  14. कस्टमर सपोर्ट (Customer Support)
  15. प्रोडक्ट इंट्रेक्शन (Product Interaction)
  16. अदर्स यूजर्स कंटेंट (Other User Content)

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