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Work From Home Jobs: The Productivity Of Google Nouglers Decreased 62 Percent Of The Workers Want To Come To Office Every Week – वर्क फ्रॉम होम में घटी गूगल के कर्मचारियों की उत्पादकता, 62% हर सप्ताह ऑफिस आने को तैयार

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गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, फेसबुक और ट्विटर जैसी कंपनियां वर्क फ्रोम होम को बढ़ावा दे रही हैं। घर से काम करने की सुविधा दी है। वर्क फ्रॉम होम को लेकर एक वैश्विक बहस भी चल रही है कि इसे किस तरीके से पूरी तरह लागू किया जाए। अभी हाल ही में माइक्रोसॉफ्ट ने कहा है कि उसके कर्मचारी अब रिटायरमेंट तक घर से काम कर सकेंगे, हालांकि यह नियम सभी कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा। दूसरे शब्दों में कहें तो यदि कोई कर्मचारी हमेशा के लिए घर से काम करना चाहता है तो वह ऐसा कर सकता है। कंपनी इसका विरोध नहीं करेगी। इसी बीच सर्वे से एक बात निकलकर सामने आई है जो कि चिंताजनक है। सर्वे के मुताबिक कोरोनाकाल में घर से काम के दौरान गूगल के ‘नूगलर्स’ की उत्पादकता सबसे ज्यादा घटी है। इसके कुछ प्रमुख कारण भी सामने आए हैं। यह सर्वे गूगल ने खुद आंतरिक तौर पर जुलाई महीने में किया है। बता दें कि गूगल में नए कर्मचारियों की नूगलर्स के नाम से जाना जाता है।
  • पहला कारण- वर्क फ्रॉम होम के कारण सीनियर्स नए इंजीनियरों को अपने सामने काम नहीं सिखा पा रहे।
  • दूसरा कारण- घर पर उपलब्ध इंटरनेट की स्पीड अनियमित और कम होना और तीसरा- पहले की तुलना में कहीं ज्यादा वर्कलोड।
  • तीसरा कारण- पहले की तुलना में अधिक वर्कलोड


गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने पिछले महीने ही घोषणा की थी कि गूगल अब हाईब्रिड यानी मिले- जुले काम करने की प्रणाली को अमल में लाएगा। सर्वे के मुताबिक गूगल के 62 फीसदी कर्मचारी हर हफ्ते ऑफिस आकर काम करना चाहते हैं, जबकि 10 फीसदी कर्मचारियों ने कहा कि वे स्थाई तौर पर घर से काम करने के इच्छुक हैं। जून तक के हुए सर्वे में पाया गया था कि कंपनी के 31 फीसदी इंजीनियर ही उच्चस्तर की उत्पादकता दे पा रहे, जबकि मार्च में यह आंकड़ा 40 फीसदी का था, हालांकि जलाई के बाद किए गए सर्वे में उत्पादकता बढ़ी है।

गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने पिछले महीने ही घोषणा की थी कि गूगल अब हाईब्रिड यानी मिले- जुले काम करने की प्रणाली को अमल में लाएगा। यानी, सभी ऑफिस से काम करें या सभी के पास ये विकल्प होगा कि वे जब चाहें तब ऑफिस आकर काम करें या फिर मन मुताबिक घर से ही काम करें। कोविड संक्रमण के खत्म होने की परिस्थिति में भी गूगल में यह हाईब्रिड पॉलिसी लागू रहेगी, जो ट्विटर, फेसबुक और माइक्रोसॉफ्ट के नियमों की तुलना में कहीं ज्यादा कारगर सिद्ध होती दिखाई दे रही है।

 

गूगल की प्रवक्ता केटी हचीसन ने सितंबर के सर्वे का हवाला देते हुए कहा कि अब गूगल में इस विषय पर मंथन चल रहा है कि नए इंजीनियर पर काम का अत्यधिक भार नहीं होने पर भी उनकी उत्पादकता क्यों घटी। चर्चा का विषय ये भी है कि वर्क फ्रॉम होम से बड़े अधिकारियों से कोडिंग को सीख न पाना नए इंजीनियरों की उत्पादकता घटा रहा है।

माइक्रोसॉफ्ट के एक बयान के मुताबिक जनवरी 2021 तक अपने दफ्तर को नहीं खोलने वाली है, लेकिन ऑफिस खुलने के बाद भी जो कर्मचारी घर से परमानेंट काम करना चाहते हैं, वे इसके लिए आजाद हैं, हालांकि इसकी शर्त यह है कि उन्हें ऑफिस वाली जगह खाली करनी होगी। उदाहरण के तौर पर समझें तो यदि आप घर से काम करना चाहते हैं तो ऑफिस वाली कुर्सी आपको छोड़नी होगी।

सैलरी पर पड़ेगा असर

माइक्रोसॉफ्ट के मुताबिक जो कर्मचारी हमेशा के लिए घर से काम करना चाहेंगे उनकी सैलरी पर भी इसका असर पड़ेगा, हालांकि कंपनी खुद कर्मचारी के घर पर ऑफिस जैसा इंतजाम करेगी। माइक्रोसॉफ्ट में 163,000 हैं जिनमें से 96,000 अमेरिका में है। ये आंकड़े जून 2020 तक के हैं। बता दें कि इससे पहले ट्विटर और फेसबुक जैसी कंपनियों ने परमानेंट वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दी है।

वर्क फ्रॉम होम में ऐसा लगता है जैसे नींद में काम कर रहे हों: सत्या नडेला

आपको याद दिलाते चलें कि हाल ही में माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला ने कहा है कि वे वर्क फ्रॉम होम से परेशान हो गए हैं। उन्होंने कहा कि वर्क फ्रॉम होम के दौरान कई बार ऐसा लगता है जैसे कि नींद में ही काम कर रहे हों। सत्या नडेला ने कहा कि काम के साथ ऑनलाइन मीटिंग काफी थकाने वाला काम है।

ऐसे में कर्मचारियों को काम और निजी जीवन के बीच तालमेल बनाना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि ऑनलाइन मीटिंग बहुत नुकसानदेह है। महज आधे घंटे की वीडियो मीटिंग में ही इंसान हद से ज्यादा थक जाता है, वह इसलिए क्योंकि इसमें काफी कॉन्सेंट्रेशन की जरूरत होती है।

गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, फेसबुक और ट्विटर जैसी कंपनियां वर्क फ्रोम होम को बढ़ावा दे रही हैं। घर से काम करने की सुविधा दी है। वर्क फ्रॉम होम को लेकर एक वैश्विक बहस भी चल रही है कि इसे किस तरीके से पूरी तरह लागू किया जाए। अभी हाल ही में माइक्रोसॉफ्ट ने कहा है कि उसके कर्मचारी अब रिटायरमेंट तक घर से काम कर सकेंगे, हालांकि यह नियम सभी कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा। दूसरे शब्दों में कहें तो यदि कोई कर्मचारी हमेशा के लिए घर से काम करना चाहता है तो वह ऐसा कर सकता है। कंपनी इसका विरोध नहीं करेगी। इसी बीच सर्वे से एक बात निकलकर सामने आई है जो कि चिंताजनक है। सर्वे के मुताबिक कोरोनाकाल में घर से काम के दौरान गूगल के ‘नूगलर्स’ की उत्पादकता सबसे ज्यादा घटी है। इसके कुछ प्रमुख कारण भी सामने आए हैं। यह सर्वे गूगल ने खुद आंतरिक तौर पर जुलाई महीने में किया है। बता दें कि गूगल में नए कर्मचारियों की नूगलर्स के नाम से जाना जाता है।

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क्यों घटी गूगल नूगलर्स की उत्पादकता?

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