लालू बोले- ये जो बिहार पर भार है, नीतीशे कुमार है

Patna. बिहार में कुछ महीने बाद विधानसभा के चुनाव होने है. आयोग के रुख से यह बात स्पष्ट हो गई है कि कोरोना काल के वजह से चुनाव नहीं टलने वाली है. लिहाजा सूबे में सियासत भी गरमा गई है. चुनावी जुमलों और नारों का सिलसिला तेज हो चला है. ‘बिहार में बहार है, नीतीशे कुमार है’ का नारा देकर सत्ता में आई महागठबंधन के साझेदार नीतीश कुमार की पार्टी जदयू के एनडीए संग मिलकर सरकार बनाने के बाद राजद सीएम नीतीश के उसी चुनावी नारों पर हमलावर है.

राजद सुप्रीमो और चारा घोटाला मामले में सजायफ्ता लालू प्रसाद यादव की ट्विटर अकाउंट से सीएम नीतीश कुमार के बहुचर्चित नारे पर हमला बोला गया है. ‘बिहार में बहार है, नीतीशे कुमार है’ के तर्ज पर नीतीश कुमार पर हमला बोलते हुए राजद सुप्रीमो ने कहा है कि ये बात तो पक्की है, जो बिहार पर भार है, नीतीशे कुमार है. इस नारे के साथ ही लालू यादव के ट्विटर अकाउंट से बिन्दुवार नीतीश सरकार के कमियों को उजागर किया है.

इससे पहले लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने भी ट्वीट कर नीतीश कुमार पर उनके इसी नारे के तर्ज पर तीखा हमला बोला है. शनिवार को पटना में शराब माफियाओं और पुलिस के बीच हुई गोलीबारी को लेकर तंज कसते हुए बिहार सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री और राजद नेता तेज प्रताप यादव ने कहा कि बिहार में बहार है, शराब की लड़ाई में राजधानी के बीचो-बीच गोलियों की बौछार है, जोर से कहिए- नीतीश कुमार है.

एनडीए के खिलाफ बिहार में चल रही आंधी : सीपीआई

उधर महागठबंधन की साझेदार सीपीआई के राज्य सचिव रामनरेश पांडेय ने कहा है कि विधानसभा के चुनाव में एनडीए को शिकस्त देने के लिए हम सभी संकल्पित हैं. एनडीए के कार्यकलापों से लोगों में भारी नाराजगी है और उनके खिलाफ राज्य में आंधी चल रही है. महगठबंधन के साथ सभी वाम शक्तियां चुनाव में उतरने को कमर कस ली है. पार्टी ने बेराजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य की बदहाली, किसानों की कंगाली, भ्रष्टाचार, अपराध आदि को चुनावी मुद्दा बनाने का निर्णय लिया है.

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