इलाहाबाद HC के आदेश के बाद आधी रात को रिहा हुए, कहा- फिर

New Delhi. मंगलवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट के डॉ कफील को तुरंत रिहा करने सम्बन्धी आदेश के घंटों बाद मंगलवार देर रात 12 बजे यूपी के मथुरा में महीनों से जेल में बंद डॉक्टर कफील खान (Dr. Kafeel Khan) को रिहा कर दिया गया. डॉ कफील द्वारा CAA के खिलाफ प्रदर्शन में दिए गए भाषण भाषण को भड़काऊ बताते हुए 29 जनवरी को गोरखपुर से पुलिस ने हिरासत में ले लिया था. और उनपर एनएसए(राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) के तहत कारवाई की गई थी. जिसे कोर्ट ने गैरकानूनी बताते हुए डॉ कफील के तुरंत रिहाई के आदेश दिए थे.

बतौर रिपोर्ट्स, मंगलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट के रिहाई सम्बंधित आदेश आने के बाद भी जेल प्रशासन डॉ कफील(Dr. Kafeel Khan) के रिहाई में लेट-लतीफी करता रहा. एक वक़्त ऐसा भी आया जब जेल प्रशासन ने उन्हें रिहा नहीं किया तो उनके परिवार ने कहा कि वो इलाहाबाद कोर्ट में जेल के खिलाफ कोर्ट की अवमानना की याचिका दाखिल करेंगे. बाद में देर रात उन्हें रिहा कर दिया गया. रिहा होने के बाद डॉ कफील ने आशंका जताया कि सरकार उन्हें फिर किसी मामले में फंसा सकती है.

यूपी के मथुरा जेल से रिहा होने के बाद डॉ कफील ने उनके रिहाई के पक्ष में आवाज उठाने वालो का आभार जताया. डॉ कफील खान ने कहा कि वह उन तमाम शुभचिंतकों के भी हमेशा आभारी रहेंगे जिन्होंने उनकी रिहाई के लिए आवाज उठाई. उन्होंने कहा कि प्रशासन उन्हें अब भी रिहा करने को तैयार नहीं था लेकिन लोगों की दुआ की वजह से वह रिहा हुए हैं, मगर आशंका है कि सरकार उन्हें फिर किसी मामले में फंसा सकती है. कफील ने कहा कि वह अब बिहार और असम के बाढ़ ग्रस्त इलाकों में जाकर पीड़ित लोगों की मदद करना चाहेंगे.

उधर, डॉ कफील की मां नुज़हत परवीन ने उनके रिहाई पर खुशी जताते हुए कहा कि आखिरकार वो अपने बेटे को सामने देख पाएंगी, महसूस कर पाएंगी. न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, कफील खान की माँ ने कहा, ‘मेरा बेटा एक अच्छा व्यक्ति है. वो देश और समाज के खिलाफ कभी नहीं बोलेगा. आज मेरी बहु का जन्मदिन भी है. हम साथ में केक लेकर जा रहे हैं क्योंकि वो मथुरा में ही है.’

बताते चले कि मंगलवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय (Allahabad High Court) के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह की पीठ ने यह कहते हुए डॉ कफील के तुरंत रिहाई के आदेश दिए थे कि अलीगढ़ डीएम की ओर से 13 फरवरी, 2020 को पारित आदेश (एनएसए की कार्रवाई) गैरकानूनी है. कफील खान को हिरासत में लेने की अवधि का विस्तार भी अवैध है. डॉ. कफील खान को तुरंत रिहा करने का आदेश जारी किया जाता है.

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