Haryana

Lumbu gang miscreants who shot 3 people at Noorwala Road, far from hold even after 26 hours | नूरवाला अड्‌डे पर 3 लोगों को गोली मारने वाले लंबू गैंग के बदमाश 26 घंटे बाद भी पकड़ से दूर

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पानीपत14 मिनट पहले

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बसरत राेड नूरवाला के पास स्थित शराब ठेके के पास फायरिंग में मनीष की माैत के बाद सिविल अस्पताल पहुंचे शव काे देखते पिता शिवचरण।

  • गोली मारकर भागे तीनों बदमाशों की पुलिस को मिली फुटेज, तलाश जारी
  • क्रॉस फायरिंग में माैके पर ढेर आरोपी की पहचान गोयला कलां निवासी मनीष के रूप में हुई

नूरवाला अड्‌डे पर शराब ठेकेदार अजीत उर्फ जीता, उसके ड्राइवर सागर व शराब खरीदने आए धर्मेंद्र को गोली मारने के मामले में 26 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस लंबू गैंग के बदमाशों काे नहीं पकड़ पाई। अजीत के भाई सुरेंद्र ने सेक्टर 13-17 थाना में केस दर्ज कराया है। इसमें सिवाह निवासी प्रश्न उर्फ लंबू और लाखू बुआना निवासी राकेश उर्फ राकू पर गैंग के 4 बदमाशों से हमला कराने का आरोप है।

यह वही राकू है, जिसने दिसंबर 2019 को भी जीता को गोली मारी थी। सिवाह के अंचल को गिरफ्तार कर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया। नामजद राकू व किवाना का विकास को अब तक पुलिस नहीं पकड़ पाई। वहीं, अजीत की हत्या करने आए एक आरोपी के मौके पर ढेर होने के दूसरे दिन रविवार को उसकी पहचान गोयला खेड़ा निवासी 25 वर्षीय मनीष उर्फ मुखिया पुत्र शिवचरण के रूप में हुई।

पुलिस ने सिविल अस्पताल में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया। उसके सीने में गोली का एक निशान मिला है। पुलिस ने घटनास्थल और जिस मार्ग पर बदमाश भागे थे, उस एरिया के करीब 12 सीसीटीवी की जांच की। इसमें 3 हमलावर भागते नजर आए हैं।

राकू-विकास की तलाश, लंबू से होगी पूछताछ

इस केस में अभी तक लंबू, राकू व विकास के नाम सामने आए हैं। पुलिस राकू व विकास की तलाश में उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। साथ ही जेल में बंद गैंगस्टर लंबू से पूछताछ की तैयारी चल रही है। पुलिस जेल में ही उससे पूछताछ करने जा सकता है या फिर उसे प्रोडेक्शन वारंट पर पूछताछ के लिए लाया जा सकता है। 3 हमलावरों के फुटेज पुलिस ने अपने मुखबिरों को भेजे हैं, जहां से पॉजिटिव इनपुट मिला है।

नूरवाला की तरफ से आए थे हमलावर

एफआईआर के अनुसार, शराब ठेकों को लेकर अजीत पर पहले भी 3 बार जानलेवा हमला हुआ। जो लंबू के कहने पर उसकी गैंग के बदमाशों ने किए। तब अजीत व उसके छोटू भाई सुरेंद्र ने लाइसेंस बनवाकर हथियार ले लिए। दोनों भाइयों को पुलिस से भी गनमैन मिले हैं। शनिवार को दोनों भाई, ड्राइवर सागर, अमन व सिपाही दिलबाग अपने नूरवाला अड्डे पर ठेके पर गए थे। रात करीब 8:30 बजे वापस जाने लगे तो नूरवाला की तरफ से आए 4-5 बदमाशों ने फायरिंग की। अजीत के सीने में एक गोली लगी, सुरेंद्र बच गया। बचाव में अजीत ने रिवाल्वर और अमन ने पम्प एक्सन बंदूक से फायर किए। फायर करते हुए एक हमलावर आगे आया तो उसे गोलियां लगी और वह ढेर हो गया। बाकी हमलावर फायर करते हुए भागने लगे तो एक गोली सागर को गली। लंबू व राकू ने पुरानी रंजिश के कारण हमला कराया।

सागर की जुबानी…पहले अजीत, फिर मुझे लगी गोली

अजीत व सागर का शनिवार रात को ही ऑपरेशन हो गया। अजीत को शाम तक होश नहीं आया था, जबकि सागर बोल रहा है। उसने बताया कि वह अजीत की फॉरच्यूनर गाड़ी चलाता है। ठेके से घर जाने की तैयारी थी। अजीत बाथरूम चले गए और वह गाड़ी स्टार्ट करके खड़ा था। जैसे ही अजीत बाहर निकले, तभी गोली चलने लगी। हमलावर मास्क व रूमाल से मुंह ढके हुए थे। पहले अजीत को गोली लगी। वह नीचे उतरा तो उसके पेट में लगी।

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