Haryana

किसान आंदोलन के बीच BJP लड़ने जा रही SYL की लडाई, 19 दिसंबर को देगी धरना

सीएम भी कोरोना काल में 20 दिसंबर को किसान रैली करने जा रहे हैं

सीएम भी कोरोना काल में 20 दिसंबर को किसान रैली करने जा रहे हैं

भाजपा ने कहा कि सरकार किसानों (Farmers) से संवाद, संसोधन व समाधान को तैयार, पर किसानों के कंधे पर बंदूक रखने वालों की हेकड़ी नहीं चलेगी.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    December 18, 2020, 8:50 AM IST

भिवानी. हरियाणा में एक बार फिर SYL का जिन निकला है. कृषि कानूनों को रद्द करवाने को लेकर चल रहे किसान आंदोलन के बीच ये जिन सत्ताधारी पार्टी भाजपा (BJP) निकालेगी और पूरे प्रदेश में धरने देगी. यही नहीं खुद सीएम भी कोरोना काल में 20 दिसंबर को किसान रैली (Kisan Rally) करने जा रहे हैं. किसान आंदोलन के बीच भाजपा SYL के पानी की लडाई लड़ने जा रही है, जिसके बाद बड़े स्तर पर सियासत शुरू होने वाली है. इसको लेकर भिवानी में भाजपा नेता एवं पशुधन विकास बोर्ड के पूर्व चेयरमैन ऋषि प्रकाश शर्मा ने प्रेसवार्ता कर जानकारी दी कि एसवाईएल के पानी की मांग को लेकर भाजपा जिला स्तर पर धरने देगी और गांव-गांव जाकर किसानों को कृषि क़ानूनों की जानकारी देने के लिए जागरूक करेगी.

भाजपा नेता ऋषि प्रकाश शर्मा ने कहा कि किसान आंदोलन में किसान नहीं बल्कि राजनीतिक लोग हैं. इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि भारत बंद के दौरान कोई भी किसान नहीं था बल्कि इसमें केवल राजनीतिक लोग ही थे. उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के साथ संवाद व संशोधन कर समाधान के लिए तैयार है, लेकिन किसानों के कंधे पर बंदूक रखकर इस चलाने वालों की हेकड़ी नहीं चलने दी जाएगी.

उन्होंने दावा किया कि हरियाणा पंजाब के किसान कृषि कानूनों के हक में हैं और वो आंदोलन से भी वापिस लौट रहे हैं. ऋषि शर्मा ने कहा कि एसवाईएल के पानी की माँग को लेकर हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता हर जिला स्तर पर 19 दिसम्बर को धरना देकर उपवास करेंगे. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहरलाल 20 दिसंबर को नारनौल में किसान रैली आयोजित करेंगे.

ऋषि शर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी 20 से 30 दिसम्बर तक गाँव-गाँव में जाकर किसानों को कृषि क़ानून के बारे में जागरूक करेंगे. उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन के बहाने किसानों को बहकाने की लड़ाई शुरू हो गई है. अब देखना होगा कि भाजपा के धरने व उपवास असल में एसवाईएल का पानी हरियाणा लाने में मददगार होंगे या फिर ये सब किसान आंदोलन को कमज़ोर करने के लिए एक कड़ी मात्र साबित होगा



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