Haryana

किसानों का दिल्ली की ओर कूच, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए किया वॉटर कैनन का इस्‍तेमाल, देखें Video

किसान दिल्‍ली में 26 नवंबर को बड़ा आंदोलन करने की जिद पर अड़े हैं.

किसान दिल्‍ली में 26 नवंबर को बड़ा आंदोलन करने की जिद पर अड़े हैं.

Farmer’s Protest: पंजाब, हरियाणा और उत्‍तर प्रदेश के किसान (Farmer) केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ 26 नवंबर को दिल्ली में (Movement) करने की जिद पर अड़े हैं. इसके लिए उन्‍होंने कूच करना शुरू कर दिया है. इस बीच, अंबाला में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वॉटर कैनन का इस्‍तेमाल किया.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    November 25, 2020, 3:38 PM IST

अंबाला. केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ 26 नवंबर को दिल्ली में होने वाले किसान आंदोलन (Farmer Movement) को लेकर हरियाणा सरकार ने पूरी सतर्क है. जबकि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (Manohar Lal Khattar) ने लोगों से अपील की है कि वह 25 नवंबर से लेकर 27 नवंबर तक के बीच बॉर्डर एरिया में जाने से बचें, क्योंकि इस दौरान पंजाब से लगते हरियाणा के सभी बॉर्डर सील रहेंगे. यही नहीं, 26 और 27 नवंबर को हरियाणा-दिल्ली के बीच की सीमाएं सील रहेंगी. इसके बाद भी किसान पीछे हटने को तैयार नहीं है.

वहीं, बुधवार को अंबाला से देश राष्‍ट्रीय राजधानी दिल्ली की ओर किसानों के कूच करने के मद्देनज़र चंडीगढ़-दिल्ली हाईवे को सील किया गया है. इस दौरान भारी मात्रा में सुरक्षा बल तैनात है. इसके अलावा हाईवे पर इकट्ठा हुए प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए उन पर वॉटर कैनन से पानी बरसाया गया है. हालांकि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि कोरोना काल में किसानों का दिल्ली कूच करना ठीक नहीं है. इसलिए सरकार ने कानून व्यवस्था बनाए रखने को लेकर कुछ सख्त कदम उठाए हैं. मुख्यमंत्री ने किसानों से अपील की है कि वे इस अर्थहीन आंदोलन में शिरकत ना करें, क्योंकि तीन कृषि कानून किसानों के हित में है.

दिल्‍ली पुलिस ने दी ये चेतावनीदिल्‍ली पुलिस के डीसीपी ईश सिंघल (DCP Eish Singhal) ने मंगलवार को एएनआई से कहा था कि यूपी, हरियाणा और पंजाब के किसान संगठन 26 और 27 नवंबर को दिल्ली में मार्च करेंगे. कोरोनोवायरस के दौरान किसी भी सभा की अनुमति नहीं है. स्थिति बेहतर होने पर आप उचित अनुमति लेकर दिल्‍ली आ सकते हैं. यदि प्रदर्शनकारी बिना अनुमति आते हैं, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

दिल्ली सरकार ने नहीं दी है इजाजत
दिल्ली सरकार ने रामलीला मैदान और जंतर मंतर पर किसानों को रैली करने की परमिशन नहीं दी है. लेकिन किसान दिल्ली मार्च करने के लिए अड़े हैं. कहा जा रहा है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र को पत्र लिखकर कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए कुछ दिनों के लिए बाजार बंद करने की अनुमति मांगी है. लेकिन किसान फिर भी मानने को तैयार नहीं है. उनका कहना है कि ये उनके लिए अस्तित्व की बात है.

500 से अधिक किसान संगठनों का समर्थन
अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति, राष्ट्रीय किसान महासंघ और भारतीय किसान संघ के अलग-अलग धड़ों ने तीन नए कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के उद्देश्य से साथ मिलकर संयुक्त किसान मोर्चा बनाया है. इस मोर्चे को 500 से अधिक किसान संगठनों का समर्थन हासिल है. मोर्चे के कामकाज में समन्वय बनाए रखने के लिए सात सदस्यीय समिति का भी गठन किया गया है.



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