Haryana

Chhath worshiped for the survival of only Chirag, death took him away | पानीपत में छठ पूजा कर मां के साथ लौट रहे मासूम को बस ने कुचला, मौत

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पानीपत5 घंटे पहले

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चिराग का फाइल फोटो।

असंध रोड नहर पर छठ पूजा करके मां के साथ लौट रहे 6 वर्षीय मासूम को बस ने टक्कर मार दी। बेसुध मां गंभीर रूप से घायल बेटे को लेकर कई अस्पताल पहुंची, लेकिन इकलौते चिराग को बचा नहीं पाई। आरोपी चालक बस छोड़कर मौके से भाग निकला।

छठ पूजन में शनिवार को उगते सूर्य को अर्घ्य दिया गया। यह व्रत सूर्य भगवान, उषा, प्रकृति, जल और वायु को समर्पित होता है। इस व्रत को करने से निसंतान दंपत्तियों को संतान सुख प्राप्त होता है। कहा जाता है कि यह व्रत संतान की रक्षा और उनके जीवन की खुशहाली के लिए किया जाता है। इस व्रत का फल सैकड़ों यज्ञों के फल की प्राप्ति से भी ज्यादा होता है।

मूलरूप से बिहार के लखीसराय निवासी कमल अपने परिवार को साथ स्थानीय महादेव कॉलोनी में रहता है और फैक्ट्री में काम करता है। कमल ने बताया कि शनिवार सुबह को उनकी पत्नी रीना इकलौते बेटे प्रवीण उर्फ चिराग को लेकर असंध रोड पर छठ पूजन करने गई थी। पूजा के बाद जैसे ही वह रोड पर आए तो पीछे से आए बस के चालक ने चिराग को टक्कर मार दी। जिसके बाद वह सड़क पर गिरकर बेहोश हो गया। रीना उसे लेकर कई अस्पताल पहुंची, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। चिराग उनका इकलौता बेटा था। बेटे के जाने के बाद माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने बस को कब्जे में लिया है और आरोपी चालक की तलाश कर रही है।

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