Haryana

हरियाणा के कई जिलों में बरसात, हिसार में ओलावृष्टि

सड़कों पर पानी के साथ ओलों की सफेद चादर दिखने लगी है. (File Photo)

सड़कों पर पानी के साथ ओलों की सफेद चादर दिखने लगी है. (File Photo)

बारिश (Rain) रबी फसलों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है. करीब 12 एमएम तक हुई बारिश से लोगों को प्रदूषण (Pollution) से राहत मिली है.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    November 16, 2020, 8:30 AM IST

हिसार. पश्चिमी विक्षोभ की वजह से रविवार को पंजाब-हरियाणा और चंडीगढ़ में मौसम (Weather) का मिजाज बदल गया. प्रदेश में करीब 55 दिन बाद रविवार को अधिकांश हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने से सर्दी बढ़ गई है. हिसार जिले के बालसमंद, हांसी, बरवाला और नलवा क्षेत्र के गांवों में भारी ओलावृष्टि हुई है. इसके अलावा महेंद्रगढ़, जींद और सोनीपत (Sonipat) जिले के विभिन्न इलाकों में ओलावृष्टि हुई, जिससे सरसों और सब्जियों की फसलों को नुकसान पहुंचा है.

हालांकि, बारिश रबी फसलों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है. करीब 12 एमएम तक हुई बारिश से लोगों को प्रदूषण से राहत मिली है. इससे पहले प्रदेश में 20 सितंबर को मानसून की आखिरी बारिश हुई थी. वहीं, चंडीगढ़ में भी दोपहर बाद आसमान काले बादलों से घिर गया. इससे दिन के समय ही रात जैसा अहसास होने लगा. हिसार में बारिश के साथ ओलावृष्टि दर्ज की गई. वहीं, रेवाड़ी से भी बारिश की सूचना है.

बारिश से पशु डेयरी की दीवार गिरी
सोनीपत के खरखौदा क्षेत्र में तेज हवा और बूंदाबांदी से बचने के लिए तीन लोग गांव रोहणा की पशु डेयरी में घुसे तो उसकी दीवार व छत अचानक गिर गई. मलबे के नीचे दबकर नंबरदार जयप्रकाश (53) और मूलरूप से बिहार के जिला सहरसा के गांव लक्ष्मीपुर फिलहाल रोहणा निवासी अमलेश मुखिया (32) की मौत हो गई और नंबरदार का भतीजा मोनू (34) घायल हो गया.आसमानी बिजली गिरने से 4 लोग झुलसे

हादसे में डेयरी में बंधी एक गाय और पांच कटड़े भी मर गए जबकि 24 पशु घायल हो गए. वहीं, खांडा में हवा में टिन शेड उड़कर बच्ची के हाथ पर जा लगी, जिससे उसका हाथ कट गया. सिरसा के चोपटा खंड के गांव नहराणा में खेत में काम कर रहे एक परिवार के चार लोग बिजली गिरने से झुलस गए.



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