Haryana

अंतरराष्‍ट्रीय पहलवान योगेश्‍वर दत्‍त पर दांव पड़ रहा उलटा, पटखनी दे रहे कांग्रेस के इंदुराज

बरोदा उपचुनाव में योगेश्‍वर दत्‍त बीजेपी प्रत्‍याशी हैं...

बरोदा उपचुनाव में योगेश्‍वर दत्‍त बीजेपी प्रत्‍याशी हैं…

Haryana Baroda ByPoll Results 2020: बीजेपी ने इस बार सीट को जीतने के लिए पुरजोर जोर लगाया है. मुख्‍यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, प्रदेश अध्‍यक्ष ओपी धनखड़ से लेकर तमाम बड़े बीजेपी नेताओं ने योगेश्‍वर के लिए जमकर प्रचार किया. इसके बावजूद रुझानों में योगेश्‍वर लगातार पिछड़ते नजर आ रहे हैं. इसी वजह से यह बीजेपी नेताओं की साख का सवाल भी बनी हुई है.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    November 10, 2020, 12:29 PM IST

हरियाणा (Haryana) की बरोदा विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव (Haryana Baroda ByPoll Result) के लिए आज हो रही मतगणना साफ कर देगी कि इस सीट पर कौन कब्‍जा जमाएगा. खास बात यह है कि इस बार इस सीट पर बीजेपी की तरफ से उतारे गए अंतरराष्‍ट्रीय पहलवान पद्मश्री योगेश्‍वर दत्‍त अपने प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के इंदुराज नरवाल से लगातार पीछे चले रहे हैं. चुनाव आयोग की ओर से दोपहर 12 बजे तक जारी रुझानों के अनुसार, योगेश्‍वर कांग्रेस की इंदु राज से 3842 वोटों के मार्जिन से पीछे चल रहे हैं. यानि यहां कांग्रेस बढ़त बनाए हुए है.

BJP नेताओं की साख का सवाल है यह सीट
दरअसल, बीजेपी ने इस बार सीट को जीतने के लिए पुरजोर जोर लगाया है. मुख्‍यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, प्रदेश अध्‍यक्ष ओपी धनखड़ से लेकर तमाम बड़े बीजेपी नेताओं ने योगेश्‍वर के लिए जमकर प्रचार किया. इसके बावजूद रुझानों में योगेश्‍वर लगातार पिछड़ते नजर आ रहे हैं. इसी वजह से यह बीजेपी नेताओं की साख का सवाल भी बनी हुई है.

इनेलो से कांग्रेस ने छीना था यह गढ़वैसे, यह सीट पिछले लंबे समय से कांग्रेस का गढ़ रही है, जहां पिछली कई बार से कांग्रेस उम्‍मीदवार यहां जीतते रहे. यहां से कांग्रेस के कृष्ण हुड्डा ने 2009, 2014 और 2019 में लगातार तीन बार जीत हासिल की. कृष्ण हुड्डा का निधन इसी साल अप्रैल हो गया था. उनके निधन के बाद से यह सीट खाली हो गई थी.

कांग्रेस जीती को बढ़ेगा हुड्डा का कद
राजनीतिक तौर पर देखा जाए तो इस बार बरोदा उपचुनाव सिर्फ हार-जीत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भाजपा, कांग्रेस और इनेलो जैसे तीनों बड़े दलों के बड़े नेताओं के लिए साख का सवाल है, क्‍योंकि यह कई दिग्गज नेताओं का कद तय करेगी. हरियाणा में एकमात्र सीट पर हुए उपचुनाव और उसके नतीजे के चलते अगर कांग्रेस जीती तो हुड्‌डा पिता-पुत्र की साख बची रहेगी. पहले इनेलो का गढ़ रहे बरोदा हलके में 2009 से कांग्रेस ने जीत हासिल की थी, इसी कारण बरोदा को पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा का गढ़ माना जाता है. लिहाजा, अगर कांग्रेस प्रत्याशी इंदुराज नरवाल जीतते हैं तो हुड्‌डा का रुतबा बढ़ जाएगा.

यह है बरोदा सीट का इतिहास
बरोदा सीट 2005 तक आरक्षित सीट थी. 2009 से तीन बार कांग्रेस के इस सीट पर जीत हासिल करने से पहले यह इनेलो की सीट थी. साल 2019 में हुए विधानसभा चुनाव में 90 में से 40 विधानसभा सीटें भाजपा ने जीती थीं और बाद में जेजेपी के समर्थन से राज्य में सरकार बनाई. जेजेपी को सूबे की 10 सीटों पर जीत मिली थी.



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