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Catch 2 more of the absconding accused from the Observation Home, now only one gate will be opened at a time | आब्जर्वेशन होम से फरार आरोपियों में से 2 और पकड़े, अब एक समय में एक ही गेट खोला जाएगा

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हिसार4 घंटे पहले

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ऑब्जर्वेशन होम के बाहर तैनात सशस्त्र पुलिस कर्मी।

  • खाने के वक्त भी ग्रुप में ही बाहर निकालेंगे कैदी

आब्जर्वेशन होम से फरार हुए 17 आरोपियों में से सिर्फ 5 गिरफ्तार हो चुके हैं। बाकी 12 आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस टीमें प्रयासरत हैं। शनिवार को गिरफ्तार 2 आरोपियों में से एक को आब्जर्वेशन होम में भेज दिया है। दूसरे आरोपी को रविवार सुबह अदालत में पेश किया जाएगा। इस वारदात के बाद आब्जर्वेशन होम में सुरक्षा को बढ़ा दिया है। सतर्कता इतनी की दोबारा लापरवाही नहीं दोहराते हुए अब एक समय में एक ही गेट खुलेगा।

दूसरा गेट खोलना है तो कर्मी सुनिश्चित करेगा कि बाकी गेट बंद हैं। इसके अलावा बैरक में कर्मी जाएगा तो बाहर एक और जवान तैनात रहेगा। वह बैरक को लॉक भी करेगा। जब कर्मी अंदर से आरोपियों को बाहर लाएगा तभी बैरक का लॉक खुलेगा। खाने के वक्त एक-एक करके बैरकों में बंद आरोपियों को टुकड़ियों में बाहर निकाला जाएगा।

किसी भी सूरत में एक साथ सभी आरोपी बाहर नहीं निकाले जाएंगे। होम प्रबंधन इन आरोपियों की काउंसलिंग करवा रहा है। दो बार परिजनों से फोन पर भी बातचीत करवा रहे हैं। मुलाकात बंद है मगर अंदर बंद आरोपी के परिजन कपड़े, खाने का सामान इत्यादि कुछ लाते हैं तो उन्हें संबंधित आरोपी तक पहुंचाया जा रहा है।

आब्जर्वेशन होम के प्रभारी कुलदीप ने बताया कि बाल आरोपियों काे नियमानुसार सभी सुविधाएं मुहैया हो रही हैं। हमसे महिला एवं बाल विकास विभाग ने सुरक्षा इत्यादि संबंध डिमांड पत्र मांगा था जोकि उन्हें दिया है। बताया कि 44 की क्षमता वाले आब्जर्वेशन होम में दोगुना आरोप हैं मगर सुरक्षा प्लान 44 की क्षमता के अनुसार है। इसके अलावा भी कई तरह व्यवस्था करवाने के लिए कहा है। अब व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं।

जहां के रहने वाले हैं अपराधी, वहां की पुलिस व उनसे पीड़ित लोगों को करें सतर्क: बेदी

बता दें कि हाल ही में महिला आयोग की सदस्य सुमन बेदी ने एसपी बलवान सिंह राणा से मुलाकात की थी। इस दौरान आब्जर्वेशन होम मामले में जानकारी ली थी। कहा था कि फरार हुए बाल बंदियों पर संगीन मामले दर्ज हैं। इनमे से कई ऐसे हैं जिन पर महिला विरुद्ध अपराध के मुकदमें दर्ज हैं। ऐसे में अपराधी जहां के रहने वाले हैं और जहां उन्होंने अपराध किया है, संबंधित जिला पुलिस और पीड़ित पक्षों को अलर्ट करने के साथ सुरक्षा मुहैया करवाई जाए। फरार हुए हैं तो गलत कदम उठा सकते हैं और पीड़ितों को पहुंचा सकते हैं नुकसान।

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