Department sent dummy paper at its level, the round of preparations going on, online paper from Thursday. | डिपार्टमेंट ने अपने लेवल पर भेजे डमी पेपर, चलता रहा तैयारियों का दौर, ऑनलाइन पेपर गुरुवार से

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चंडीगढ़2 घंटे पहले

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प्राइवेट कैंडिडेट और ओपन लर्निंग वाले स्टूडेंट को हर शहर में सुविधा केंद्र और नोडल सेंटर से सभी तरह की मदद मिलेगी। इसी 2 घंटे के समय में स्टूडेंट स्पीड पोस्ट या रजिस्टर्ड पोस्ट के जरिए भी पेपर भेज सकता है। वह अपने कॉलेज या डिपार्टमेंट को इसकी रसीद भेज देगा।

  • ग्रामीण एरिया के कॉलेजों के लिए तो पीयू हार्ड कॉपी भिजवा रही
  • कुल 75 हजार स्टूडेंट्स कॉलेजों और 4 हजार स्टूडेंट्स कैंपस से एग्जाम में अपीयर होने वाले हैं

पंजाब यूनिवर्सिटी के एग्जाम गुरुवार से शुरू होने जा रहे हैं और इसके लिए बुधवार को सभी डिपार्टमेंट्स में काम तेजी से चलता रहा। कॉलेजों ने अपने कोऑर्डिनेटर्स की लिस्ट स्टूडेंट्स के साथ शेयर कर दी है तो डिपार्टमेंट के स्तर पर भी स्टूडेंट्स के मोबाइल नंबर और ईमेल को वेरिफाई करने का काम तेजी से चल रहा है। एक टीचर ने बताया कि वह पेपर की डाउनलोडिंग आदि का प्रोसेस अपने स्टूडेंट्स के साथ करके देखेंगे। यदि उनको दिक्कत आती है तो कैसे उन तक हार्ड कॉपी पहुंच सकती है। ग्रामीण एरिया के कॉलेजों के लिए तो पीयू हार्ड कॉपी भिजवा रही है लेकिन यूनिवर्सिटी कैंपस के बहुत से स्टूडेंट्स ऐसे हैं जो हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख, जम्मू कश्मीर, बिहार और कर्नाटक से पेपर दे रहे हैं।

सरकारी योजनाओं के कारण लगभग हर कोर्स में पीयू में पांच फीसदी कश्मीरी स्टूडेंट्स हैं और नॉर्थ ईस्टर्न स्टेट्स के राज्यों से भी बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स हैं। जम्मू कश्मीर में अभी तक कोर्ट के आदेश के बावजूद सिर्फ 2 जी सर्विस ही चल रही है। ऐसे में स्टूडेंट्स के लिए पेपर को देकर, उसको पीडीएफ में कनवर्ट करके भेजना आसान नहीं होगा। पेपर से एक दिन पहले कुछ डिपार्टमेंट ने स्टूडेंट्स को डमी पेपर देकर भेजे हैं ताकि ये पता लगा कि किस एरिया में स्टूडेंट्स को दिक्कत आ रही है। पेपरों से पहले फीस माफी को लेकर स्टूडेंट नेता भी कैंपस में दिखाई दिए। वह किसी ना किसी लेट लतीफ स्टूडेंट्स का जुर्माना माफ कराने के लिए पहुंचे हुए थे। ये स्टूडेंट्स ज्यादातर उन डिपार्टमेंट से हैं, जहां पर हाल ही में चेयरपर्सन बदले हैं। कुल 75 हजार स्टूडेंट्स कॉलेजों और 4 हजार स्टूडेंट्स कैंपस से एग्जाम में अपीयर होने वाले हैं।

यह होता था पहले

  • एग्जामिनेशन फॉर्म भरने के बाद रोल नंबर जारी होते थे। कॉलेज स्टूडेंट्स,प्राइवेट और डिस्टेंस एजुकेशन वाले स्टूडेंट्स को यूनिवर्सिटी की ओर से रोल नंबर दिया जाता था
  • रोल नंबर के साथ ही सेंटर बना दिए जाते थे जिस पर स्टूडेंट्स की पूरी जानकारी रहती थी।
  • सेंटर पर एग्जामिनेशन इन चार्ज यानी सुपरिटेंडेंट और सुपरवाइजर की जिम्मेदारी रहती थी कि स्टूडेंट्स का रोल नंबर और लिस्ट में उसका नाम चेक करके उसको सिटिंग अरेंजमेंट के अनुसार बिठाएं
  • एग्जाम से 10 मिनट पहले आंसर शीट बांटी जाती थी जिस पर स्टूडेंट का नाम रोल नंबर या प्युपिन नंबर, एग्जाम कोड, सब्जेक्ट कोड, सेंटर का नंबर आदि भरना होता था और इसी पर सुपरवाइजर और स्टूडेंट के साइन होते थे
  • पूरे समय पर प्रश्न पत्र वाला सील लिफाफा स्टूडेंट के सामने ही खोला जाता था और वहीं पर बांट दिया जाता था
  • स्टूडेंट को पेपर करने के लिए बिना ब्रेक के 3 घंटे दिए जाते थे और ज्यादातर सब्जेक्ट में सभी प्रश्न अनिवार्य थे
  • पेपर के दौरान डेट और सब्जेक्ट वाली मोहर सभी आंसर शीट पर कई जगह लगाई जाती थी
  • एग्जाम के बाद आंसर शीट इकट्ठे करके सुपरवाइजर के पास पहुंचते जहां से एक लिफाफे में सील करके इनको वापस यूनिवर्सिटी भेज दिया जाता जहां इनविजिलेशन का काम शुरू होता

इस बार इस तरह होंगे एग्जाम

  • एग्जामिनेशन फॉर्म पहले से भरे हुए हैं और रोल नंबर स्टूडेंट्स को ऑनलाइन मिलेंगे, कॉलेज स्टूडेंट के प्युपिन नंबर चलेंगे
  • एग्जाम से आधा घंटा पहले सभी कॉलेजों को, नोडल सेंटर और सुविधा सेंटरों पर पेपर पहुंच जाएगा। इसके साथ ही पेपर को पीयू की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाएगा ताकि स्टूडेंट्स उनको डाउनलोड कर सकें
  • स्टूडेंट्स अपने घर पर बैठकर पेपर कर सकते हैं,उनको 10 से 12 शीट में पेपर खत्म करना होगा
  • एग्जाम करने के लिए स्टूडेंट को दो घंटे दिए जाएंगे
  • पहले की तरह सभी प्रश्न अनिवार्य की शर्त नहीं रहेगी बल्कि उनको 50 फीसदी सवाल ही करने होंगे
  • स्टूडेंट को पहले पेज पर अपना नाम रोल नंबर व सभी जानकारियां देनी होंगी और उसको हर शीट पर अपने साइन करने होंगे
  • पेपर का समय खत्म होने के बाद 2 घंटे के अंदर-अंदर स्टूडेंट्स को पेपर वापस जमा कराना होगा
  • आंसर शीट को स्कैन करके और पीडीएफ में कन्वर्ट करके स्टूडेंट वापस ईमेल कर सकते हैं, वह सुविधा केंद्र या नोडल सेंटर पर इसको जमा करा सकते हैं और वह अपने कॉलेज जाकर आंसर शीट जमा करा सकते हैं।
  • प्राइवेट कैंडिडेट और ओपन लर्निंग वाले स्टूडेंट को हर शहर में सुविधा केंद्र और नोडल सेंटर से सभी तरह की मदद मिलेगी। इसी 2 घंटे के समय में स्टूडेंट स्पीड पोस्ट या रजिस्टर्ड पोस्ट के जरिए भी पेपर भेज सकता है। वह अपने कॉलेज या डिपार्टमेंट को इसकी रसीद भेज देगा

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