हरियाणा में 25 सितंबर से ही शुरू हो सकती है धान की खरीद, डबल होंगे परचेज सेंटर | chandigarh-city – News in Hindi

हरियाणा में 25 सितंबर से ही शुरू हो सकती है धान की खरीद, डबल होंगे परचेज सेंटर

हरियाणा में तैयार होने वाली है धान की फसल, खरीद की तैयारियां शुरू

धान, मूंग, मक्का आदि सरकारी खरीद केंद्रों में बेचने के लिए ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर 15 सितंबर तक करवाना होगा रजिस्ट्रेशन

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    September 7, 2020, 8:40 PM IST

चंडीगढ़. हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक अक्तूबर, 2020 से होने वाली खरीफ फसलों की खरीद की पूरी तैयारी की जाए ताकि किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े.  चौटाला ने सार्वजनिक खाद्य वितरण प्रणाली (PDS) के लिए धान की खरीद (Paddy procurement) एक अक्टूबर की बजाए 25 सितंबर से ही शुरू करने की अनुमति देने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखने के निर्देश दिए.

चौटाला खाद्य, आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड, हैफेड, हरियाणा वेयरहॉऊसिंग कारपोरेशन, भारतीय खाद्य निगम समेत अन्य एजेंसियों के अधिकारियों से खरीफ फसलों की खरीद के लिए किए गए प्रबंधों की समीक्षा कर रहे थे.

अधिकारियों ने बताया कि धान की खरीद के लिए इस बार 200 अतिरिक्त केंद्र बनाए जाएंगे. कुल 400 केंद्र हो जाएंगे. ये खरीद केंद्र उन 8 जिलों में बनाए जाएंगे जिनमें धान की पैदावार अधिक होती है. धान खरीद के बाद पैकेजिंग के लिए बैग, तुलाई मशीन आदि की तैयारियों के बारे में भी जानकारी दी गई.  इसके अलावा, यह भी बताया गया कि इस बार बाजरा खरीदने के लिए भी खरीद केंद्रों की संख्या करीब दोगुनी करके कुल 120 खरीद केंद्र बनेंगे. मूंग के लिए भी 15 से बढ़ाकर 30 खरीद केंद्र बनाए जाएंगे.

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डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने अधिकारियों को दिए निर्देश

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धान बेचने के लिए करें रजिस्ट्रेशन

किसानों को ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर अपनी फसल का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करने के लिए भी जानकारी दी गई. बाजरा के लिए 10 सितंबर व धान, मूंग, मक्का आदि के लिए 15 सितंबर 2020 तक अंतिम तिथि निर्धारित की गई है. यह भी जानकारी दी गई कि जो किसान कॉन्सोलिडेशन गांवों के तहत होने के कारण पोर्टल पर अपनी फसल का ब्यौरा नहीं भर पाए, उनके लिए 2 सितंबर 2020 से इस सिस्टम को फिर से लाइव किया गया है. इससे अन्य राज्यों से लाई गई फसल या भण्डारित फसल की काला बाजारी पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी, जिससे राज्य के संसाधनों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है.

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उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अनाज मंडियों (Anaj Mandi) के मैकेनिज्म को अप-टू-डेट रखने के निर्देश दिए. किसानों की फसल मंडी में आने से पहले सभी शैड ठीक होने चाहिए. सड़कों की मरम्मत कर दी जानी चाहिए ताकि किसानों की फसल खराब न हो. फसलों का एक-एक दाना खरीदने का भरोसा दिया गया है.



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