Roof collapses on elderly doctor couple who live in Corona lockdown, both died | कोरोना लॉकडाउन में रहने आए बुजुर्ग डॉक्टर दंपति पर गिरी छत, दोनों की मौत

सोनीपत4 घंटे पहले

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सोनीपत जिले के गांव फरमाणा में छत गिरने के बाद का मंजर।

  • मूल रूप से रोहतक जिले के गांव बलियाना के रहने वाले 60 वर्षीय डॉ. रघुवीर रिढाऊ गांव में बतौर आरएमपी प्रैक्टिस करते थे
  • लॉकडाउन के दौरान गांव फरमाणा में अपने परिचित के यहां रहने आए थे पत्नी कृष्णा के साथ, दो मंजिलों के मलबे में दबे

सोनीपत जिले के गांव फरमाणा में शनिवार देर रात मकान की छत गिर जाने की वजह से एक बुजुर्ग डॉक्टर दंपति की मौत हो गई। बताया जाता है कि ये दोनों कोरोना लॉकडाउन में काम बंद हो जाने के चलते यहां एक मित्र के मकान में रहने आए थे। शनिवार देर रात जब सो रहे थे तो अचानक छत गिर गई। पता चलने के बाद जब ग्रामीण पहुंचे तो अंदर से गेट बंद था। ग्रामीणों ने गेट को कुल्हाडियों से काटकर रास्ता बनाया। इसके बाद कस्सियों से मलबे को बाहर निकाला, लेकिन दंपति को बचाया नहीं जा सका।

दंपति मूल रूप से रोहतक जिले के गांव बलियाना का रहने वाला था। लड़का गुड़गांव में नौकरी करता है। 60 वर्षीय डॉ. रघुवीर रिढाऊ गांव में बतौर आरएमपी प्रैक्टिस करते थे। लॉकडाउन के दौरान जब लोगों को घरों से बाहर निकलने की इजाजत नहीं थी तो उन्होंने रोहतक में रह रहे फरमाणा निवासी परिचित पवन से संपर्क किया। पवन ने गांव में अपने खाली पड़े मकान में उन्हें रहने की इजाजत दे दी।

शनिवार को वह अपनी पत्नी कृष्णा के साथ मकान में सो रहे थे। रात करीब 11 बजे मकान का ऊपर का हिस्सा भर-भराकर ढह गया। चौबारा गिरने के चलते नीचे की छत भी ढह गई और नीचे सो रहा डॉक्टर दंपति दब गया। मकान गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग पहुंचे। उन्होंने दंपत्ति को बाहर निकालने के लिए मलबा हटाना शुरू किया, वहीं सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।

काफी देर की मशक्कत के बाद गंभीर रूप से घायल दंपति को मलबे से बाहर निकाला गया। इसके बाद उन्हें पीजीआई रोहतक में भर्ती करवाया गया, लेकिन वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शवों का पोस्टमॉर्टम करवाने के बाद परिजनों के हवाले कर दिया है।

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