30 Educational Institutions Will Connect With Panjab University Via Online – पंजाब विश्वविद्यालय से ऑनलाइन जुड़ेंगे 30 शिक्षण संस्थान, विद्यार्थी घर बैठकर उठा सकेंगे लाभ

सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 06 Sep 2020 12:20 PM IST

पंजाब यूनिवर्सिटी
– फोटो : फाइल फोटो

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कोरोना काल में सबसे अधिक महत्व अब ऑनलाइन शिक्षा का रह गया, क्योंकि विद्यार्थी शिक्षण संस्थानों तक न तो आ सकते हैं और न जा सकते। इसलिए संसाधनों को भी ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत जोड़ने की कवायद चल रही है। पीयू अपने से 30 शिक्षण संस्थानों को जोड़ने की तैयारी कर रही है, ताकि विद्यार्थी उन संसाधनों का लाभ घर बैठे ही उठा सकें।

ऐसे होगा काम
पंजाब यूनिवर्सिटी क्रिक कॉरिडोर का विस्तार करने जा रहा है। इसमें प्राइवेट विश्वविद्यालय व कॉलेजों को भी शामिल किया जा रहा है। प्रस्ताव लगभग तैयार है। इसके लिए खुला प्रस्ताव दिया जाएगा। जो कॉलेज या यूनिवर्सिटी इसमें शामिल होंगी उन्हें इसके मानकों का पालन करना होगा। हर शिक्षण संस्थानों के रिसर्च पेपर, किताबें, शिक्षकों की ऑनलाइन कक्षाओं के नोट्स आदि को विद्यार्थी आपस में पढ़ सकेंगे। इसके अलावा शिक्षक ऑनलाइन प्रयोग कर भी विद्यार्थियों को बता सकेंगे ताकि विद्यार्थियों को बिना लैब में गए ही जानकारियां मिल सके।

ऐसे रखी गई नींव
क्रिक (चंडीगढ़ रीजन इनोवेशन एंड नॉलेज क्लस्टर) कॉरिडोर की स्थापना पूर्व वीसी प्रो. एके ग्रोवर के समय में हुई थी। पीयू ने बड़े-बड़े शिक्षण संस्थानों को इस कॉरिडोर में शामिल किया। उसका लाभ भी अब मिल रहा है। इन शिक्षण संस्थानों के 60 हजार से अधिक विद्यार्थी एक-दूसरे कॉलेजों में जाकर ज्ञान लेते रहे हैं। साथ ही संसाधनों का प्रयोग भी किए हैं। इस कॉरिडोर का उद्देश्य है कि जिन संस्थानों में कम संसाधन हैं, वहां के विद्यार्थी भी दूसरे कॉलेजों में जाकर संसाधनों का प्रयोग करें और नया ज्ञान ग्रहण करेंगे। अब शिक्षण संस्थान इस कॉरिडोर से और जोड़े जा रहे हैं। निजी क्षेत्र के संस्थानों को बुलावा दिया जाएगा।

क्रिक कॉरिडोर के संचालन के लिए नए नियम बनाने की तैयारी हो रही है। इसके लिए पीयू निदेशकों के साथ एक बैठक कर चुका है। अब अगली बैठक में इसे फाइनल कर दिया जाएगा। क्रिक कॉरिडोर की एक ही बस है, इसलिए स्टूडेंट्स की संख्या के मुताबिक एक और बस खरीदी जा सकती है। इस बस का खर्च सभी संस्थान मिलकर उठाएंगे। हालांकि अभी बस का संचालन नहीं होगा, क्योंकि कोरोना के कारण विद्यार्थी घरों पर हैं।

सभी संस्थानों की लाइब्रेरी को जोड़ने की तैयारी
सूत्रों का कहना है कि 30 शिक्षण संस्थानों की लाइब्र्रेरी को भी ऑनलाइन जोड़ने की तैयारी चल रही है। इन संस्थानों के विद्यार्थी किसी भी संस्थान में जाकर बुक इश्यू करा सकेंगे। साथ ही ऑनलाइन भी पढ़ सकेंगे। जितनी ऑनलाइन किताबें होंगी वह भी विद्यार्थी एक पासवर्ड के जरिये पढ़ सकेंगे। 30 शिक्षण संस्थानों की संख्या को बढ़ाकर 50 तक ले जाने की तैयारी की जा रही है। यह भी कहा जा रहा है क्रिक कॉरिडोर से जुड़े किसी भी संस्थान में कोई भी अच्छा विशेषज्ञ किसी कार्यक्रम में हिस्सा लेता है तो उसका लाभ अन्य संस्थानों को भी दिलाया जाएगा। ऑनलाइन कक्षाएं विशेषज्ञ की ओर से ली जा सकती हैं। 

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सार

  • क्रिक कॉरिडोर के जरिये जोड़ने की चल रही तैयारी, निजी शिक्षण संस्थानों और कॉलेजों से संपर्क कर रहा पीयू 
  • कोरोना काल में विद्यार्थी एक-दूसरे शिक्षण संस्थानों तक नहीं जा सकते, इसलिए चल रही कवायद 
  • हर शिक्षण संस्थानों के रिसर्च पेपर, किताबें, शिक्षकों की ऑनलाइन कक्षाओं के नोट्स आदि विद्यार्थी आपस में पढ़ सकेंगे 

विस्तार

कोरोना काल में सबसे अधिक महत्व अब ऑनलाइन शिक्षा का रह गया, क्योंकि विद्यार्थी शिक्षण संस्थानों तक न तो आ सकते हैं और न जा सकते। इसलिए संसाधनों को भी ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत जोड़ने की कवायद चल रही है। पीयू अपने से 30 शिक्षण संस्थानों को जोड़ने की तैयारी कर रही है, ताकि विद्यार्थी उन संसाधनों का लाभ घर बैठे ही उठा सकें।

ऐसे होगा काम

पंजाब यूनिवर्सिटी क्रिक कॉरिडोर का विस्तार करने जा रहा है। इसमें प्राइवेट विश्वविद्यालय व कॉलेजों को भी शामिल किया जा रहा है। प्रस्ताव लगभग तैयार है। इसके लिए खुला प्रस्ताव दिया जाएगा। जो कॉलेज या यूनिवर्सिटी इसमें शामिल होंगी उन्हें इसके मानकों का पालन करना होगा। हर शिक्षण संस्थानों के रिसर्च पेपर, किताबें, शिक्षकों की ऑनलाइन कक्षाओं के नोट्स आदि को विद्यार्थी आपस में पढ़ सकेंगे। इसके अलावा शिक्षक ऑनलाइन प्रयोग कर भी विद्यार्थियों को बता सकेंगे ताकि विद्यार्थियों को बिना लैब में गए ही जानकारियां मिल सके।

ऐसे रखी गई नींव
क्रिक (चंडीगढ़ रीजन इनोवेशन एंड नॉलेज क्लस्टर) कॉरिडोर की स्थापना पूर्व वीसी प्रो. एके ग्रोवर के समय में हुई थी। पीयू ने बड़े-बड़े शिक्षण संस्थानों को इस कॉरिडोर में शामिल किया। उसका लाभ भी अब मिल रहा है। इन शिक्षण संस्थानों के 60 हजार से अधिक विद्यार्थी एक-दूसरे कॉलेजों में जाकर ज्ञान लेते रहे हैं। साथ ही संसाधनों का प्रयोग भी किए हैं। इस कॉरिडोर का उद्देश्य है कि जिन संस्थानों में कम संसाधन हैं, वहां के विद्यार्थी भी दूसरे कॉलेजों में जाकर संसाधनों का प्रयोग करें और नया ज्ञान ग्रहण करेंगे। अब शिक्षण संस्थान इस कॉरिडोर से और जोड़े जा रहे हैं। निजी क्षेत्र के संस्थानों को बुलावा दिया जाएगा।


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संचालन के लिए नए नियम बनाने की तैयारी 

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