Haryana School Teachers Association opposed the new education policy | हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने नई शिक्षा नीति का किया विरोध

चरखी दादरीकुछ ही क्षण पहले

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शनिवार को एसटीएफआई के आह्वान पर हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ की जिला कमेटी ने जिला सचिव रामपाल की अध्यक्षता में नई शिक्षा नीति-2020 के विरोध में राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया। सचिव रामपाल ने व खंड बौंद प्रधान कृष्ण शास्त्री ने ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि हमारे देश में 34 वर्ष बाद नई शिक्षा नीति आई है। जबकि शिक्षा के प्रति जागरूक देश हर 10 वर्ष में अपनी शिक्षा नीति की समीक्षा करते हैं।

इस नीति को लागू करने के लिए 23 अगस्त 2015 को सरकार ने ढकोसला किया कि सभी राज्यों में 600 जिलों में, 6 हजार गांवों में, 200000 लोगों की सलाह से यह दस्तावेज तैयार करवाया है जबकि उस समय तक कोई दस्तावेज ही नहीं था तो फिर चर्चा कैसे हो सकती थी। इस पॉलिसी में सरकार ने 12 वर्ष की स्कूली शिक्षा को प्लस 5, प्लस 4, प्लस, प्लस 3, प्लस 3 करके 15 वर्ष कर दिया गया है। इसमें कहा गया है कि प्रारंभिक शिक्षा 3 वर्ष तक आंगनबाड़ी में होगी जबकि हमारा कहना है कि आंगनबाड़ी का ढांचा स्कूल जैसा नहीं है वहां प्रशिक्षित अध्यापक नहीं हैं अतः कक्षाएं स्कूलों में जोड़ी जाएं।

मिडिल विभाग में कक्षा 6 से ही विषयों का चयन करना होगा, जिसमें 64 विषय दिए गए हैं। क्या सरकार हर स्कूल में सभी विषयों के अध्यापक उपलब्ध करवा सकती है। उच्चतर शिक्षा में सभी महाविद्यालय व विश्वविद्यालय स्वायत्त होंगे। उनकी वित्तीय प्रशासनिक वह शैक्षिक तीनों प्रकार की स्वच्छता होगी, ऐसे में पाठ्यक्रम में समानता नहीं रहेगी। सभी कॉलेज अपना-अपना पाठ्यक्रम लगाएंगे, अपने अपने शिक्षक तथा अपने-अपने प्रमाण पत्र जारी करेंगे। इसमें बताया गया है कि देश में उच्चतर शिक्षा में ग्रेड-ए में केवल 300 संस्थाएं होंगी जो बहुत कम है।

इसके साथ ही रिसर्च के विषय का भी विद्यार्थी अपनी इच्छा से चयन नहीं कर सकता। उनको भी प्रतिबंधित किया गया है। ग्रेड-2 में 5000 संस्थाएं होंगी, इनमें रिसर्च कार्य नहीं होगा तथा ग्रेड 3 में 10000 संस्थाएं होंगी, इनमें भी रिसर्च कार्य नहीं होगा। इस प्रकार पूरे देश में उच्चतर शिक्षा की केवल 15300 संस्थाएं होंगी जोकि बहुत ही कम हैं। इस अवसर पर खंड दादरी सचिव रविंद्र कुमार, जिला ऑडिटर कृष्ण शास्त्री, संजय शास्त्री, सज्जन कुमार, रणधीर, उदय सिंह, सतीश कुमार, जयदीप, सुरेश कुमार, धर्मवीर, हरेंद्र, जसवीर आदि उपस्थित थे।

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