हरियाणा: जमीन की रजिस्ट्री करने का नया सरकारी सिस्टम फेल, जनता परेशान | hisar – News in Hindi

हरियाणा: जमीन की रजिस्ट्री करने का नया सरकारी सिस्टम फेल, जनता परेशान

रजिस्ट्रियां नहीं होने से आमजन परेशान

आरोप (Allegation) हैं कि सरकार ने हुडा का तीन साल पुराना रिकार्ड ऑनलाइन (Online) किया है. ऐसे में प्रॉपर्टी का रिकॉर्ड मैच होना संभव नहीं है.

हिसार. सरकार ने प्रॉपर्टी की रजिस्ट्रियों में भ्रष्टाचार (Corruption) रोकने और अवैध कॉलोनाइजर्स पर लगाम लगाने के लिए रजिस्ट्रियों के लिए नया सिस्टम (New System) लागू किया है. नये सिस्टम के तहत 31 अगस्त से शहरी क्षेत्रों में ऑनलाइन रजिस्ट्रियां शुरू होनी थी लेकिन पहले ही दिन सिस्टम फेल हो गया. इससे प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री करवाने वालों को काफी परेशानी हुई. सरकार ने रजिस्ट्री के लिए 16 विभागों की एनओसी का सिस्टम लागू किया है. इनमें अहम हैं, शहरी स्थानीय निकाय, हुडा और नगर योजनाकार विभाग. इन तीनों विभागों का रिकॉर्ड आपस में मेल नहीं खा रहा है.

इसके अलावा तहसील कार्यालय में ऑनलाइन टोकन की कोई व्यवस्था नहीं की गई है. रजिस्ट्री करवाने वाले को खुद ऑनलाइन जाकर या फिर लघु सचिवालय में बैठे बिचौलियों की मदद से ही टोकन लेने होंगे. खास बात ये है कि सरकार के नये सिस्टम के बारे में तहसील कार्योलयों में कोई ट्रेनिंग नहीं दी गई है. हिसार के तहसीलदार को तो यही कहना है.

उनका कहना है कि नये सॉफ्टवेयर के बारे में उन्हें सरकार की तरफ से कोई जानकारी नहीं दी गई है, जो जानकारी मिली है वो समाचार पत्रों के माध्यम से ही मिली है. रजिस्ट्री करवाने को लेकर लोगों के सामने काफी समस्याएं आ रही हैं. हुडा के सेक्टर को अनअप्रूवड कॉलोनी दिखाया जा रहा है. लोगों की प्रोपर्टी आईडी, उनके आधार कार्ड, प्लॉट साइज, सम्पत्ति मालिक के नाम आदि मैच नहीं हो रहे हैं. इसके कारण रजिस्ट्री के लिए आनलाइन टॉकन नहीं निकल रहे हैं.

बिना प्रापार्टी आईडी टोकन मिलना ही संभव नहींआरोप हैं कि सरकार ने हुडा का तीन साल पुराना रिकार्ड ऑनलाइन किया है. ऐसे में प्रॉपर्टी का रिकॉर्ड मैच होना संभव नहीं है. इस बात का सबसे बड़ा उदाहरण है कि हाल ही में नगर निकाय विभागों ने प्रापर्टी के दोबारा सर्वे करवाये तो पहले वाले और नये सर्वे का रिकार्ड ही आपस में मैच नहीं कर रहा. कुछ इलाके तो ऐसे हैं, जिनमें प्रापार्टी आईडी हीं नहीं दी गई हैं. बिना प्रापार्टी आईडी टोकन मिलना ही संभव नहीं है.

रिकॉर्ड मैच नहीं करेगा नया सिस्टम कारगर नहीं हो सकता

रजिस्ट्रियां करवाने वाले वकील रमन शर्मा के अनुसार जब तक विभागों का आपस का रिकॉर्ड मैच नहीं करेगा नया सिस्टम कारगर नहीं हो सकता. सरकार ने भ्रष्टाचार रोकने के लिए रजिस्ट्रियां ऑनलाइन करके अच्छा कदम उठाया है मगर नये सिस्टम को न तो पहले सही से जांचा गया, न ही इसकी संबंधित कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी गयी और न ही सभी विभागों के रिकॉर्ड को पहले मैच किया गया. ऐसे में जनता को परेशानी के अलावा कुछ हासिल नहीं होने वाला.



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