Even after 20 months, neither electricity connection nor solar plant started, it is dark in the evening | 20 माह बाद भी न बिजली का कनेक्शन और न सोलर प्लांट शुरू हुए, शाम होते ही अंधेरा

राई3 मिनट पहले

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राई. केएमपी पर अंधेरा।

  • केएमपी को नहीं मिला है बिजली का कनेक्शन, रात को जेनरेटर से स्ट्रीट लाइट जला रहा था एचएसआईआईडीसी, अब 15 महीने से बंद है

कुंडली-पलवल-मानेसर एक्सप्रेस वे यानि केएमपी के निर्माण पर कुंडली से लेकर मानेसर तक 1873 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। जिस प्रकार से इस एक्सप्रेस-वे के जर्जर हालात है, उससे लगता है कि यहां अभी वाहन चालकों को 18 पैसे की भी सुविधा नही मिल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 नवंबर 2018 को प्रदेश के सबसे बड़े इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया था। 20 महीने बाद भी केएमपी को न तो स्ट्रीट लाइटों के लिए बिजली का कनेक्शन मिला है और न ही सोलर प्लांट से बिजली उत्पादन शुरू हुआ है। पिछले 15 महीने से तो यहां जनरेटर से स्ट्रीट लाइट जलाना भी बंद है।

मानसेर से लेकर कुंडली तक 83 किलाेमीटर की दूरी तक इस हाईवे पर शाम होते ही अंधेरा छा जाता है। जोकि यहां होने वाली दुर्घटनाओं की सबसे बड़ी वजह है। केएमपी पर तेज रफ्तार से दौड़ने वाले वाहन रात के समय बड़े वाहनों की लाइट पड़ने पर वाहन से नियंत्रण खो देते हैं। एचएसआईआईडीसी ने केएमपी को बनाने वाली कंपनी को सोलर प्लांट लगाने व स्ट्रीट लाइट का कनेक्शन चालू करने का आदेश दिया था। कंपनी ने सोलर प्लांट तो लगा दिया, लेकिन अभी तक सोलर प्लांट से बिजली उत्पादन शुरू नही हुआ है।

इसी तरह से केएमपी को बिजली का कोई कनेक्शन नहीं मिला है। बिजली निगम के रिकाॅर्ड में केवल एक कनेक्शन टोल प्लॉजा पर है। एचएसआईआईडीसी ने जगह- जगह स्ट्रीट लाइटों को जनरेटर से जोड़ रखा था। ठेकेदार को पेमेंट नहीं मिलने से जनरेटर भी बंद कर दिए गए हैं। अब केएमपी पर किसी प्रकार की रोशनी नहीं है।

अकेले कुंडली टोल से रोज 12 लाख की कमाई, सुविधाएं जीरो
रात के समय यहां अंधेरा रहता है। केएमपी पर यात्रा करने वालों को टोल टैक्स देना है तो फिर सुविधाएं भी तो मिलनी चाहिए। एक टोल कर्मी ने बताया कि केवल कुंडली टोल पर यहां प्रतिदिन 10 से 12 लाख की आमदनी होती है। मानेसर वाले टोल बूथ पर इस इनकम में बढ़ोतरी होती है। इसके बावजूद भी यहां सुविधाएं नहीं है।

करीब 15 महीने कंपनी ने यहां मेंटेनेंस का काम बंद रखा। इसी वजह से बिजली कनेक्शन मिलने में देरी हुई है। अब काम प्रोसेस में है। सोलर प्लांट भी बिजली कनेक्शन मिलने के बाद ही शुरू होगा। सुरेंद्र देशवाल, सीनियर मैनेजर एचएसआइआइडीसी।

सोनीपत, बहादुरगढ़, झज्जर, गुरुग्राम, मानेसर व पलवल जिले से मिलना है बिजली का कनेक्शन, एचएसआईआईडीसी ने किया अप्लाई
एचएसआईआईडीसी के सीनियर मैनेजर सुरेंद्र देशवाल ने भी माना कि यहां रात के समय अंधेरा रहता है। देशवाल ने कहा कि 19 नवंबर 2018 को इसका उद्घाटन हुआ था। उसके बाद कई महीने तक यहां कोई काम नहीं हुआ था। अब कंपनी ने यहां काम शुरू किए हैं। सोलर प्लांट लग गए हैं। कई जगह बिजली के कनेक्शन पेंडिंग हैं। बिजली निगम से लगातार संपर्क किया जा रहा है। बिजली कनेक्शन सोनीपत , बहादुरगढ़, झज्झर, गुरुग्राम, मानेसर व पलवल जिला से मिलना है । एचएसआईआईडीसी ने निगम को कनेक्शन के लिए अप्लाई कर रखा है।

यह है केएमपी का पूरा प्रोजेक्ट : कुंडली-पलवल- मानेसर एक्सप्रेस वे (केएमपी) का पांच नवंबर 2015 को पीएम नरेंद्र मोदी ने सरकार के डीएम प्रोजेक्ट का दोबारा से शिलान्यास किया था। केएमपी की 135 किलोमीटर लंबे इस रोड के निर्माण पर लगभग 2330 करोड़ रुपए खर्च हुए है। इनमें कुडली से मानेसर तक के 83.320 किलोमीटर हिस्से को 1873 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। मानेसर से पलवल तक के हिस्से को 457 करोड़ रुपए की लागत से बनाया गया था। पीएम नरेंद्र मोदी ने नवंबर 2018 में इसका उदघाटन किया था।

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