After 10 days the infected young man was examined by the department and declared fine, if tested, then positive. | संक्रमित युवक को 10 दिन बाद विभाग ने बगैर जांच किया ठीक घोषित, टेस्ट कराया तो फिर पॉजिटिव

रेवाड़ीएक घंटा पहले

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धारूहेड़ा के औद्योगिक क्षेत्र में कंपनी कर्मचारियों के सैंपल लेती स्वास्थ्य विभाग की टीम।

  • नियम अब ऐसा; कोरोना के लक्षण नहीं हैं तो पॉजिटिव आने के 10 दिन बाद स्वस्थ मान लिए जाएंगे
  • खुद के ही हाथ इलाज; 10 दिन घर में काढ़ा और दवाएं लेनी हैं, अब डॉक्टर चेक करने नहीं आएंगे

कोरोना वायरस के लगातार केस सामने आ रहे हैं। शनिवार को बड़ी संख्या में मरीज मिले। संक्रमितों की संख्या एक ही दिन में 100 पार हो गई। शनिवार को जिले में 109 संक्रमित मिले हैं। इनके साथ ही संक्रमितों का आकड़ा 1800 को पार करके 1815 पर पहुंच गया। बेशक कोरोना का डर लोगों में अब नजर नहीं आ रहा है, मगर इस वायरस हल्के में लेना भारी पड़ सकता है। क्योंकि अब डॉक्टरों से ज्यादा मरीज के खुद के भरोसे पर इलाज चलेगा।

जिस दिन संक्रमित की रिपोर्ट पॉजिटिव आती है और लक्षण नहीं हैं तो उसे तुरंत होम आइसोलेट कर दिया जाएगा। 10 दिन बाद बिना किसी जांच के ही मान लिया जाएगा कि मरीज ठीक हो गया है। बावजूद इसके भी वायरस पीछा ना छोड़े तो हालात डराने वाले हो सकते हैं। ऐसा ही एक केस शहर में आया। विभाग ने एक युवक को ठीक घोषित कर दिया। मगर युवक ने निजी अस्पताल में दोबारा टेस्ट कराया तो वह दूसरी बार फिर पॉजिटिव निकला। ऐसे मामले प्रशासन को भी चिंता में डालने वाले हैं।

डेढ़ माह से कोरोना से लड़ रहा युवक
शहर के एक मोहल्ला निवासी युवक डेढ़ महीने से कोरोना से लड़ रहा है। इस बीमारी ने घर में कैद किया हुआ है। दरअसल उक्त युवक ने 10 जून को कोरोना टेस्ट कराया था। सैंपल रिपोर्ट आने पर पता लगा कि वह कोरोना पॉजिटिव है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने युवक को होम आइसोलेट कर दिया। कुछ दवाएं और आयुर्वेदिक काढ़ा भी पीने को दिए गए। विभाग द्वारा आइसोलेशन पीरियड पूरा होते ही युवक के पास मैसेज आया कि वह पूरी तरह स्वस्थ है। युवक का कहना है कि उसने अपनी तसल्ली के लिए फिर से निजी तौर पर टेस्ट कराया तो रिपोर्ट फिर से पॉजिटिव मिली। जबकि युवक में बीमारी के खास लक्षण भी नहीं थे। विभाग ने फिर से युवक को दवाएं देकर होम आइसोलेट कर दिया है।

3 कैटेगरी में इलाज… लक्षण हैं तो अस्पताल में रखेंगे
1. सरकारी गाइडलाइन के अनुसार संक्रमित मिलने वाले व्यक्ति के इलाज के लिए 3 कैटेगरी तय की गई हैं। यदि संक्रमित व्यक्ति को बुखार या बीमारी के लक्षण नजर आ रहे हैं तो उसे अस्पताल में रखा जाएगा।
2. यदि उसमें किसी तरह की लक्षण नहीं है और रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई है तो होम आइसोलेट किया जाएगा। परिवार से अलग कमरा और टॉयलेट प्रयोग करना होगा।
3. यदि व्यक्ति के घर में परिवार से अलग रहकर ट्रीटमेंट के लिए कमरा या अन्य व्यवस्था नहीं है तो उसे क्वारेंटाइन सेंटर रखा जाएगा। जहां इलाज चलेगा।

25% उपचाराधीन, बाकी ठीक
कोरोना की चेन को सोशल डिस्टेंसिंग से तोड़ा जा सकता है। होम आइसोलेट व्यक्ति परिवार से भी दूरी बनाए रखता है और समाज से भी उसका संपर्क नहीं हो पाता। इसलिए 10 दिन के होम आइसोलेशन और 7 दिन के सेल्फ आइसोलेशन के बाद वह पूरी तरह स्वस्थ माना जा रहा है। इसमें किसी तरह की जांच की भी जरूरत नहीं है। इसलिए रिकवरी रेट बेहतर स्थिति में नजर आ रहा है। अभी तक 1815 संक्रमित मिले हैं, जिनमें से 1374 लोग ठीक हो चुके हैं। यह रिकवरी रेट 75 प्रतिशत है। इनमें शनिवार को ठीक हुए 90 लोग भी शामिल हैं। जो 90 ठीक हुए उनमें 57 रेवाड़ी शहर, 11 धारूहेडा, 9 बावल, 2-2 पिथनवास, आकेड़ा व करनावास तथा एक-एक भाकली, ढालियावास, बुरथला, टूमना, भाड़ावास, जड़रा और जलियावास से संबंधित हैं।

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