Lack of 12 bed ultrasound and X-ray machine available in 50 bed hospital | 50 बेड के अस्पताल में उपलब्ध है 12 बेड अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे मशीन का अभाव

कनीना21 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
  • कनीना अस्पताल में सुविधाओं का अभाव मरीजों को उठानी पड़ रही है भारी परेशानी

कनीना कस्बे स्थित उप नागरिक अस्पताल के नए भवन में कार्य शुरू हुए अभी 6 माह भी नहीं हुए हैं कि इसे समस्याओं ने इसे घेर लिया है, अस्पताल परिसर में बेड बनकर नहीं पहुंचे हैं। पुराने बेड व पुराने उपकरणों के माध्यम से ही मरीजों की जांच कर उनका उपचार किया जा रहा है। पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध नहीं हैं। हाल कोविड 19 के चलते अस्पताल परिसर में केवल 12 बेड की ही व्यवस्था है। अभी तक एक भी वेंटिलेटर की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है।

अस्पताल शुरू होने के साथ ही मरीजों को सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध न हो पाने की वजह से आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कि कनीना उप नागरिक अस्पताल के नए भवन का निर्माण कार्य जनवरी 2018 में शुरू हुआ था। अगस्त 2019 में इसका उद्घाटन किया गया। जिसके बाद अस्पताल परिसर में बिजली आदि की सुविधाएं शुरू होने के बाद वर्ष 2020 में अस्पताल के नए भवन में कार्य शुरू किया गया है।  

6 माह बीत जाने के बाद बावजूद भी अस्पताल परिसर में बेड सहित अन्य अनेक प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कोरोना महामारी की वजह से जहां एक तरफ खंड में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। वहीं कनीना उप नागरिक अस्पताल परिसर में बेड़ व अन्य अनेक प्रकार की सुविधाओं के आभाव की वजह से मरीजों को घरों पर ही आइसोलेट किया जा रहा है या फिर पटीकरा स्थित केन्द्र पर भेजा जा रहा है। 

पुराने उपकरणों के सहारे चल रहा है मरीजों का उपचार

कनीना उप नागरिक अस्पताल को सरकार के द्वारा 50 बेड का अवश्य घोषित कर दिया है। अभी तक अस्पताल परिसर में बेड बनकर नहीं पहुंचे है। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी पुराने बेड व पुराने उपकरणों के माध्यम से ही मरीजों की जांच कर उनका उपचार करने में लगे हुए है। फिलहाल कोविड 19 के चलते अस्पताल परिसर में केवल 12 बेड की ही व्यवस्था है। इसके अलावा अस्पताल में 19 बड़े व 5 छोटे ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध है।

लेकिन अभी तक एक भी वेंटिलेटर की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा अस्पताल परिसर में अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे मशीन उपलब्ध न हो पाने की वजह से भी मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एक्सीडेंट के मामलों में मशीनों के आभाव की वजह से प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है या फिर उक्त व्यक्ति की निजी अस्पताल में जाकर भारी लागत देकर अपना उपचार करवाना पड़ता है।

बिना लक्षण वाले कोरोना पॉजिटिव मरीजों को घरों में ही किया जा रहा है आइसोलेट  

कोरोना महामारी के चलते लगातार बढ़ रही कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या व अस्पताल परिसर में सुविधाओं के अभाव के चलते स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के द्वारा मरीजों को घरों पर ही आइसोलेट किया जा रहा है। केवल गंभीर परिस्थिति वाले मरीजों को ही उपचार के लिए केन्द्रों में भेजा जा रहा है। बिना लक्ष्ण वाले पॉजिटिव मरीजों को घरों पर ही रखकर उनका उपचार किया जा रहा है।

जिसमें पॉजिटिव मरीज द्वारा बरती जाने वाले थोड़ी सी लापरवाही से परिवार के अन्य सदस्य व अन्य लोग भी इस बीमारी की चपेट में आने की संभावना बढ़ जाती है।

20 बैड खरीदे चुके हैं एक-दो दिन लग जाएंगे

अस्पताल परिसर के लिए 20 बैड की खरीद की जा चुकी है। जिन्हें एक-दो दिन में लगवा दिया जाएगा। इसके अलावा एक निजी अस्पताल से भी 10 बेड लिए गए है। क्षेत्र के मरीजों को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं आने दी जाएगी। टीम के सदस्य दिन-रात मेहनत कर कोरोना की इस जंग से जीतने के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अल्ट्रासाउंड व एक्सरे मशीन के बारे में विभाग को लिखा हुआ है जल्द ही अस्पताल परिसर में ये दोनों मशीनें भी लगवा दी जाएंगी। 
-डॉ. धर्मेन्द्र,एसएमओ, कनीना

अस्पताल में जल्द उपलब्ध होगी वेंटिलेटर सुविधा

क्षेत्र के लोगों को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। अस्पताल परिसर में जल्द ही वेंटिलेटर की सुविधा भी उपलब्ध करवा दी जाएगी। कोरोना काल के इस संकट में सभी कर्मचारियों के द्वारा अपना पूर्ण योगदान दिया जा रहा है। 
– रणबीर सिंह,एसडीएम कनीना।

0

Source link