India

General Manoj Mukund Narwane reaction to report of tension in Indian Army | मैं भी तनाव में हूं, यह बुरी चीज नहीं; जब जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने कही ये बात

नई दिल्ली: भारतीय सेना के आधे से ज्यादा सैनिकों के तनाव में होने के दावे को खारिज करते हुए सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे (Manoj Mukund Narwane) ने मंगलवार को हंसी-मजाक में कहा कि ‘मैं भी तनाव में हूं. तनाव बुरी चीज नहीं है.’’

‘महज 400 सैनिकों के सर्वे पर आधारित है रिपोर्ट’

सेना प्रमुख नरवणे (Manoj Mukund Narwane) ने कहा कि सैनिकों के तनाव में होने की रिपोर्ट महज 400 सैनिकों के नमूने पर आधारित है. उन्होंने कहा कि सैनिकों में तनाव को कम करने के लिए तमाम कदम उठाए जा रहे हैं और सैनिकों के आत्महत्या की घटनाएं भी कम हुई हैं. उन्होंने कहा, ‘सिर्फ 400 नमूनों के आधार पर हम नहीं कह सकते हैं कि तनाव है या नहीं है. तनाव हो सकता है. मैं भी तनाव में हूं. तनाव बुरी चीज नहीं है. इसका काम पर अच्छा प्रभाव भी हो सकता है.’

USI ने तैयार की थी रिपोर्ट, विवाद होने पर हटाया

बता दें कि सैन्य थिंक टैंक यूनाइटेड सर्विस इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (USI) की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय सेना के आधे से ज्यादा सैनिक गंभीर तनाव की स्थिति में मालूम होते हैं. दुश्मनों की गोली के मुकाबले आत्महत्या, आपसी झगड़े और अन्य अप्रिय घटनाओं में हर साल ज्यादा सैनिकों की जान जा रही है. हालांकि विवाद होने पर USI की वेबसाइट से इस रिपोर्ट को पिछले सप्ताह हटा लिया गया. 

नमूने का आकार उचित नहीं था- जनरल नरवणे

जनरल नरवणे (Manoj Mukund Narwane)ने कहा, ‘मैंने भी रिपोर्ट पढ़ी है. मैं बताना चाहूंगा कि महज 400 लोगों पर सर्वे किया गया थ. मुझे लगता है कि नमूने का आकार उचित नहीं था. अगर आप 99 प्रतिशत सही और सिर्फ एक प्रतिशत संभावना वाला परिणाम चाहते हैं तो ऐसे अध्ययन के लिए नमूने का आकार 19,000 होना चाहिए था. अगर आप 95 प्रतिशत सही परिणाम चाहते हैं तो सैम्पल का आकार घटकर 7,000-8,000 हो जाएगा.’

‘सैनिकों के तनाव को दूर करने के लिए कदम उठाए गए’

सेना प्रमुख ने बताया कि सैनिकों में तनाव की समस्या को दूर करने के लिए परामर्श समेत अन्य कई कदम उठाए गए हैं. तनाव के संभावित कारण गिनाते हुए जनरल नरवणे ने कहा,‘हम उन कारकों पर ध्यान दे रहे हैं जिनसे तनाव हो सकता है. उदाहरण के लिए किसी को संतान नहीं है, किसी का विवाह नहीं हो रहा है, किसी का बच्चा 12वीं में है, उसके परीक्षा परिणाम का तनाव है. तनाव इस बात का भी है कि बच्चे का परिणाम आएगा या नहीं, उसको दाखिला मिलेगा या नहीं.’

ये भी पढ़ें- आर्मी चीफ का Afghanistan में सेना भेजने से इनकार, ‘No boots on the ground’ पॉलिसी का किया जिक्र

‘तनाव के कारकों का विश्लेषण किया जा रहा’

सेना प्रमुख ने कहा,‘हमने इन सभी कारकों का विश्लेषण किया है. इन सभी को ध्यान में रखते हुए हम कंपनी कमांडर और कमांडिंग स्तर के अधिकारियों के संपर्क में हैं.’

LIVE TV



Source link

Leave a Reply