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Mehbooba Mufti on DDC: Our goal of keeping the BJP out of democratic institutions was achieved| जनता से मिले ‘तमाचे’ के बाद भी नहीं गई Mehbooba Mufti की अकड़, कहा ‘हम भाजपा को रोकने में सफल रहे’

जम्मू: जम्मू-कश्मीर (J&K) में हुए जिला विकास परिषद (DDC) चुनाव के नतीजों ने भले ही राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) को आइना दिखा दिया हो, लेकिन उनकी अकड़ अभी कम नहीं हुई है. मुफ्ती ने कहा है कि कश्मीर में धारा 370 की बहाली तक उनका संघर्ष जारी रहेगा. अपनी पार्टी पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) के खराब प्रदर्शन पर पर्दा डालते हुए उन्हें कहा कि हम भाजपा को रोकने के मिशन में कामयाब हुए हैं और ये व्यक्तिगत जीत से कहीं ज्यादा मायने रखता है.

Mufti ने अपने ट्वीट में ये लिखा

महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) ने ट्वीट करके एक बार फिर से बगावती तेवर दिखाए हैं और साथ ही यह भी दर्शाने का प्रयास किया है कि गुपकार गठबंधन को लेकर किसी भी तरह की खींचतान नहीं है. पूर्व मुख्यमंत्री ने लिखा है, ‘पीपल्स अलायंस फॉर गुपकार डिक्लेरेशन (PAGD) को लेकर चल रहीं अनावश्यक अटकलों के बीच मैं कुछ चीजों को स्पष्ट करना चाहूंगी. हमारे बारे में इसलिए अफवाहें फैलाई जा रही हैं, क्योंकि जनता ने हमें DDC चुनाव में बढ़ चढ़कर वोट दिए हैं. हमारा लक्ष्य था भाजपा और उसके सहयोगियों को लोकतांत्रिक संस्थानों से बाहर रखना और हम इसमें कामयाब रहे हैं. फिर इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि किसने कितनी सीटें जीतीं’.

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ऐसा रहा PDP का प्रदर्शन

उन्होंने आगे लिखा है कि दिल्ली DDC के परिणामों से बेचैन है और आने वाले दिनों में हमारे खिलाफी कार्रवाई तेज की जाएगी. कई PDP नेताओं को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. लेकिन मैं साफ करना चाहूंगी कि ऐसा करके भी वो हमारे संकल्प को तोड़ नहीं पाएंगे. बता दें कि DDC की 280 सीटों पर 110 सीटें जीतकर गुपकार गठबंधन भले ही सबसे आगे रहा, लेकिन मुफ्ती की पीडीपी को व्यक्तिगत तौर पर बड़ा नुकसान उठाना पड़ा. जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 की बहाली को लेकर सबसे मुखर रहने वाली महबूबा की पार्टी को 67 उम्मीदवार उतारने के बाद महज 27 सीटों पर जीत मिली.

पहले भी साधा था केंद्र पर निशाना

इससे पहले, पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा था कि हमारे नेताओं पर भ्रष्टाचार के झूठे आरोप लगाकर फंसाया जाता. अंजुम फाजली और अल्ताफ भी हमारे सदस्य हैं, उनके घरों पर छापा मारा गया. जबकि पूर्व मंत्री नईम अख्तर को हिरासत में लिया गया. लेकिन मैं फिर भी जम्मू-कश्मीर के नेताओं के लिए आवाज उठाती रहूंगी. जम्मू-कश्मीर के लोगों को मेरी आवाज की जरूरत है. मुफ्ती ने यह भी कहा था कि केंद्र ने एनआईए और सीबीआई को अपना हथियार बनाया है. मुझसे लड़ना है तो राजनीतिक रूप से लड़ें, एनआईए या ईडी के माध्यम से नहीं. मेरे पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है.

 



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