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Congress ruling states stand on corona vaccine. Ministers of Rajasthan, Jharkhand and Punjab said – it is not right to question the vaccine; We with the central government | राजस्थान, झारखंड और पंजाब के मंत्री बोले- वैक्सीन पर सवाल उठाना ठीक नहीं; हम केंद्र के साथ

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नई दिल्लीएक घंटा पहले

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कांग्रेस नेता शशि थरूर, जयराम रमेश ने कोरोना वैक्सीन पर सवाल खड़े किए थे।

16 जनवरी से देश में वैक्सीनेशन ड्राइव शुरू होना है। इस बीच, वैक्सीन पर सवाल खड़े करने वाली कांग्रेस दो खेमों में बंट गई है। शशि थरूर, जयराम रमेश जैसे कई नेताओं ने वैक्सीन पर सवाल खड़े किए तो कांग्रेसी राज वाले राज्य पंजाब, झारखंड और राजस्थान के मंत्री वैक्सीन के पक्ष में खड़े हो गए। इन राज्यों के मंत्रियों ने साफ कहा कि वैक्सीन पर किसी तरह का सवाल खड़ा करना ठीक नहीं है। झारखंड के मंत्री ने तो यहां तक कह दिया कि जनहित के मामलों में वह केंद्र सरकार के साथ खड़े हैं। वहां कांग्रेस गठबंधन की सरकार है।

राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री बोले- वैक्सीन पर भरोसा करना चाहिए
राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने कहा, ‘जब केंद्र सरकार हमें वैक्सीन उपलब्ध करा रही है, तो उस पर बेवजह सवाल नहीं उठने चाहिए। वैक्सीन के ट्रायल हो चुके हैं। जब PM ने खुद सभी के साथ बैठकें की हैं, तो मुझे नहीं लगता कि वैक्सीन को लेकर किसी भी तरह के सवाल किए जाने चाहिए।’ शर्मा ने पूरे राज्य में वैक्सीनेशन ड्राइव की तैयारियों के बारे में भी बताया।

पंजाब के मंत्री बोले- वैक्सीन से सभी का फायदा
पंजाब के फूड एंड सप्लाई मिनिस्टर भारत भूषण ने कहा, ‘कोविड-19 वैक्सीनेशन को विवादों में लाने की कोई जरूरत नहीं है। ये सभी के फायदे के लिए है। ये भारत और पूरी मानवता के लिए बड़ी उपलब्धि है। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों में ड्राई रन कराया है। हम लोगों को इसमें किसी तरह के विवाद से बचना चाहिए। मैं उन वैज्ञानिकों को शुक्रिया कहना चाहता हूं जिन्होंने कोविड-19 वैक्सीन को तैयार किया है।’

झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बोले- जनहित के लिए केंद्र के साथ
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा, ‘हम पब्लिक वेलफेयर और नेशनल वेलफेयर के मुद्दों पर राजनीति नहीं करते हैं। वैक्सीन के मामले में हम पूरी तरह से केंद्र सरकार के साथ खड़े हैं। मैं सिर्फ इतना कहना चाहूंगा कि किसी भी वैक्सीन का उपयोग करने से पहले केंद्र सरकार को इसकी प्रामाणिकता, प्रासंगिकता और उपयोगिता को समझना चाहिए। इसका प्रॉपर एक्सरसाइज जरूरी है। इस देश के लोगों को लैब नहीं बनाया जाना चाहिए।’

वैक्सीन पर अब तक नेताओं ने क्या कहा?

  • समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव : ताली-थाली बजवाकर कोरोना को भगाने वाली सरकार पर भरोसा नहीं किया जा सकता। भाजपा सरकार की वैक्सीन लगवाने की उस चिकित्सा व्यवस्था पर भरोसा नहीं कर सकते, जो कोरोनाकाल में ठप्प-सी पड़ी रही थी। हम भाजपा की राजनीतिक वैक्सीन नहीं लगवाएंगे। जब हमारी सरकार बनेगी, तब हम मुफ्त में वैक्सीन लगवाएंगे।
  • कांग्रेस नेता राशिद अल्वी : जिस तरह से भाजपा और प्रधानमंत्री CBI, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट और ED का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं के खिलाफ कर रहे हैं, मुझे लगता है कि अखिलेश यादव का यह डर गलत नहीं है कि वैक्सीन का भी गलत इस्तेमाल हो सकता है। जिस तरह से सरकार विपक्षी नेताओं के खिलाफ काम कर रही है, यह डर वाजिब है।
  • कांग्रेस सांसद शशि थरूर : कोवैक्सिन ने अभी तक अपना तीसरा ट्रायल भी पूरा नहीं किया है। जल्दबाजी में वैक्सीन को मंजूरी दी गई। यह खतरनाक हो सकता है। उन्होंने कहा कि जब तक ट्रायल पूरा नहीं हो जाता, तब तक इसके इस्तेमाल से बचा जाना चाहिए। इस दौरान भारत एस्ट्राजेनेका वैक्सीन के साथ आगे बढ़ सकता है। स्वास्थ्य मंत्री को मामले को स्पष्ट करना चाहिए।
  • कांग्रेस नेता जयराम रमेश : भारत बायोटेक एक फर्स्ट रेट इंटरप्राइज है, लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि कोवैक्सिन के फेज-3 ट्रायल से जुड़े प्रोटोकॉल, जिन्हें इंटरनेशनल लेवल पर मंजूर किया गया है, उसे मोडिफाई किया जा रहा है। स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री को इसका जवाब देना चाहिए।

कोवैक्सिन और कोवीशील्ड को अप्रूवल मिला है
भारत बायोटेक की स्वदेशी कोवैक्सिन और सीरम इंस्टीट्यूट की कोवीशील्ड के इमरजेंसी यूज के लिए ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने मंजूरी दी है। वहीं, जायडस कैडिला हेल्थकेयर की जायकोव-डी को फेज-3 ट्रायल का अप्रूवल मिला है। 16 जनवरी से देशभर में वैक्सीनेशन ड्राइव भी शुरू हो जाएगा। पहले फेज में 3 करोड़ लोगों को इसका डोज दिया जाना है।

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