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Indian army captures Chinese soldier in Ladakh| लद्दाख में चीन की हिमाकत नाकाम, LaC पर पकड़ा गया चीनी सैनिक; सैन्य अधिकारी कर रहे हैं पूछताछ

नई दिल्ली: पूर्वी लद्दाख (Ladakh) में चीन और भारत के बीच पिछले 10 महीने से चल रहे गंभीर सैन्य तनाव के बीच LAC से एक चीनी सैनिक (Chinese Soldier) को पकड़ा गया है. उसे पैंगोंग झील के दक्षिण के इलाके से पकड़ा गया है. भारतीय सेना और खुफिया एजेंसियां उस चीनी सैनिक से पूछताछ कर रही हैं. 

पैंगोंग झील के दक्षिण एरिया में पकड़ा गया चीनी सैनिक
सूत्रों के मुताबिक चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) का एक सैनिक (Chinese Soldier) 8 जनवरी को LAC को लांघकर  लद्दाख (Ladakh) की भारतीय सीमा में पहुंच गया. जिसके बाद उसे वहां तैनात भारतीय सैनिकों ने पकड़ लिया. सैन्य सूत्रों का कहना है कि इस चीनी सैनिक की गिरफ्तारी पैंगोंग झील के दक्षिण एरिया से की गई है. 

PLA को दी गई गिरफ्तारी की सूचना
पकड़े गए चीनी सैनिक (Chinese Soldier) से भारतीय सेना के अधिकारी और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं. सूत्रों के मुताबिक पकड़े गए चीनी सैनिक ने दावा किया कि वह रास्ता भटक कर भारत की सीमा में प्रवेश कर गया था. तभी वहां तैनात भारतीय सैनिकों ने इसे पकड़ लिया. भारतीय सेना उसके दावे की सच्चाई जानने में जुटी है. उसकी गिरफ्तारी की सूचना PLA को दे दी गई है.

चीनी सैनिक से हो रही है पूछताछ
सूत्रों का कहना है कि चीन के सैनिक (Chinese Soldier) से दोनों देशों के बीच बने प्रोटोकॉल के तहत पूछताछ हो रही है. सेना इस बात की जांच कर रही है कि इस चीनी सैनिक ने किन हालात में सीमा पार की है. रिपोर्ट के मुताबिक यदि भारतीय सेना की जांच में चीनी सैनिक का दावा सही साबित हुआ तो सभी औपचारिकता पूरी करने के बाद उसे वापस कर दिया जाएगा. 

15 जून को भारतीय सैनिकों पर धोखे से हुआ था हमला
बता दें कि लद्दाख (Ladakh) में चीनी अतिक्रमण के बाद से सीमा पर दोनों देशों के 50-50 हजार सैनिक भारी हथियारों के साथ तैनात हैं. चीन (China) के सैनिकों ने 15 जून को धारदार हथियारों के साथ गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों (Indian Army) पर हमला कर दिया जिसमें 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे. वहीं भारतीय सैनिकों की जवाबी कार्रवाई में 50 से ज्यादा चीनी सैनिक मारे गए थे. 

भारतीय सेना ने 29 अगस्त को पहाड़ियों पर किया कब्जा
चीन के नापाक इरादों और फिंगर 4 से 8 तक तक एरिया में उसकी सैन्य तैनाती को देखते हुए भारतीय सेना ने 29-30 अगस्त की रात को पैगोंग झील के दक्षिण की पहाड़ियों पर कब्जा कर लिया. वर्ष 1962 के युद्ध के बाद भारतीय सेना (Indian Army) पहली बार इस इलाके में पहुंची, जिसके बाद LAC पर बना चीन का मॉल्डो गैरीसन भारतीय सैनिकों की सीधी मारक रेंज में गया है. 

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दोनों देशों के बीच नहीं निकला है कोई समाधान
उसके बाद से दोनों देशों के बीच वार्ता के कई दौर हो चुके हैं. चीन चाहता है कि पहले भारत रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण उन चोटियों से पीछे हट जाए, जिन पर उसने अगस्त में कब्जा किया था. वहीं भारतLAC पर अप्रैल 2020 से पहले की यथास्थिति बहाल करने की मांग कर रहा है.

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