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Lalu Prasad Yadav Jail Manual Violation Case; Jharkhand High Court made serious remarks. | झारखंड हाईकोर्ट की सरकार को फटकार; कहा- सरकार कानून से चलती है, किसी व्यक्ति से नहीं

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रांची4 घंटे पहले

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लालू प्रसाद यादव को RIMS के पेइंग वार्ड से डायरेक्टर के बंगले में शिफ्ट कर दिया गया था। सरकार ने जेल मैनुअल में स्पष्ट प्रावधान न होने को इसकी वजह बताया। -फाइल फोटो।

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (RIMS) के डायरेक्टर बंगले में शिफ्ट किए जाने पर शुक्रवार को झारखंड हाईकोर्ट ने गंभीर टिप्पणी की। कोर्ट ने इस मामले में जेल मैनुअल के उल्लंघन पर सुनवाई के दौरान कहा, ‘सरकार कानून से चलती है, किसी व्यक्ति से नहीं।’

कोर्ट ने कहा कि लालू को पेइंग वार्ड से डायरेक्टर के बंगले में शिफ्ट करने के बारे में RIMS प्रबंधन को ऊपरी स्तर पर चर्चा करनी चाहिए थी। कोर्ट ने कहा, ‘हम यह जानना चाहते हैं कि लालू को डायरेक्टर के बंगले में शिफ्ट करने में की गई जल्दबाजी के पीछे क्या बड़ी वजह थी?’

सरकार की सफाई- जेल मैनुअल में स्पष्टता नहीं
सरकार ने कोर्ट में कहा कि जेल मैनुअल में कैदियों को जेल से बाहर इलाज के लिए शिफ्ट करने पर उसकी सुरक्षा के बारे में साफ प्रावधान नहीं हैं। जेल के बाहर असिस्टेंस के लिए किसी को तैनात करने के बारे में भी साफ तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। इसकी SOP भी नही है। सरकार जेल मैनुअल को अपडेट कर रही है और SOP भी तैयार कर रही है। इस पर कोर्ट ने सरकार को 22 जनवरी को SOP पेश करने का निर्देश देते हुए सुनवाई स्थगित कर दी।

कोरोना के चलते लालू को शिफ्ट किया गया: IG
कोर्ट ने कहा कि RIMS प्रबंधन ने यह साफ नहीं किया है कि लालू को बंगले में शिफ्ट करने से पहले कौन-से दूसरे विकल्पों पर विचार किया गया था? इसके लिए डायरेक्टर के बंगले को ही क्यों चुना गया?RIMS के डायरेक्टर को नियमों के मुताबिक फैसला करना चाहिए था। इधर, सुनवाई के दौरान जेल IG की तरफ पेश रिपोर्ट में कहा गया कि कोरोना से बचाव के लिए RIMS मैनेजमेंट ने लालू को डायरेक्टर के बंगले में शिफ्ट किया था।

कोर्ट पहले भी सरकार को फटकार लगा चुका है
दिसंबर में इसी मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव से पिछले तीन महीने में मुलाकात करने वालों की सूची मांगी थी। लेकिन सरकार इसके समेत लालू की शिफ्टिंग पर साफ जानकारी नहीं दे पाई थी। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए 8 जनवरी को जानकारी देने का आखिरी मौका दिया था।

22 को जनहित याचिका पर भी सुनवाई
लालू प्रसाद यादव पर जेल मैनुअल का उल्लंघन करने के मामले में झारखंड हाईकोर्ट में दो जनहित याचिका भी दायर हुई हैं। एक में बिहार विधानसभा के रिजल्ट के बाद भाजपा के एक विधायक से लालू की बातचीत के वायरल ऑडियो का हवाला देकर जेल में उन्हें फोन और दूसरी सुविधाएं देने का आरोप लगाया गया है। दूसरी याचिका में लालू को RIMS डायरेक्टर के बंगले से वापस जेल शिफ्ट करने का आग्रह किया गया है। दोनों याचिकाओं पर 22 जनवरी को सुनवाई होनी है।

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