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CBI will go for polygraph and brain mapping test of Hatras accused | हाथरस कांड: चारों आरोपियों को लेकर गुजरात पहुंची CBI, ‘सच’ जानने के लिए कराएगी ये टेस्ट

नई दिल्ली: केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) हाथरस गैंगरेप और हत्या (Hathras Case) के चारों आरोपियों का ब्रेन मैपिंग (Brain Mapping) और पॉलीग्राफ टेस्ट (Polygraph Test) करवाएगी. ये टेस्ट गुजरात के गांधीनगर में स्थित CFSL लैब में कराया जाएगा, इसीलिए CBI कल ही कोर्ट के आदेश के बाद चारों आरोपियों को लेकर गुजरात के लिए रवाना हो गई थी.

क्या था हाथरस कांड का पूरा मामला?
14 सिंतबर को हाथरस के थाना चंदपा के गांव में रहने वाली दलित परिवार की एक लड़की के साथ गांव के ही चार लड़कों ने गैंगरेप करने के बाद हत्या की कोशिश की थी. आरोप था कि लड़की का बलात्कार करने के बाद आरोपी उसके गले में दुप्पटा डालकर घसिटते हुए खेतों में ले गए थे, जिससे उसकी रीढ़ की हड्डी तक टूट गई थी. पीड़ित लड़की गंभीर हालत में परिवार को खेतों में मिली थी. जिसके बाद पहले अलीगढ़ के अस्पताल में और फिर वहां से गंभीर हालत में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में लड़की को दाखिल करवाया गया. लेकिन 29 सिंतबर को पीड़ित की मौत गई थी. जिला पुलिस ने परिवार की शिकायत पर कारवाई करते हुए चारों आरोपियों संदीप, लवकुश, रवि और रामूं को गिरफ्तार कर लिया था.

रातों रात लड़की के अंतिम संस्कार ने मामले को दिया गंभीर मोड़
इस मामले ने तब गंभीर मोड़ ले लिया था जब लड़की की मौत के बाद पुलिस ने गांव में ही रात को अंतिम संस्कार कर दिया था. इसके बाद सरकार और प्रशासन पर इस पूरे मामले में लापरवाही बरतने के आरोप लगे थे. यूपी सरकार ने बाद में इस पुरे मामले की जांच के आदेश CBI से करवाने के आदेश दे दिए थे. जिसके बाद सीबीआई ने 11 अक्टूबर को मामला दर्ज करने के बाद अपनी जांच शुरू कर दी थी और परिवार के साथ आरोपियों से भी इस पूरे मामले में पूछताछ की गई थी. CBI ने बकायदा क्राइम सीन पर जाकर पूरी घटना की जानकारी ली और वीडियोग्राफी भी की थी.

आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताते हुए लिखी थी चिट्ठी
इसी बीच अलीगढ़ की जेल में बंद मुख्य आरोपी ने जेल अधीक्षक को चिट्ठी लिख खुद के और बाकी तीनों आरोपियों के निर्दोष होने की बात लिखी थी. आरोपी ने चिट्ठी में लिखा था कि उसकी लड़की से दोस्ती थी जिसका लड़की के घरवाले विरोध करते थे और इसी वजह से वो उसके साथ मारपीट भी करते थे. लड़की के परिवार पर खुद और बाकी तीनों आरोपियों को फंसाने का आरोप भी लगाया था.

इसलिए कराया जा रहा टेस्ट
अब CBI अदालत की मंजूरी के बाद चारों आरोपी संदीप, लवकुश, रवि और रामू को ब्रेन मैंपिंग और पॉलिग्राफ टेस्ट के लिए गुजरात के गांधीनगर ले कर गई है, हांलाकि इस टेस्ट की अदालत में किसी तरह की मान्यता नहीं है. लेकिन इस टेस्ट के जरिए CBI सच की तह तक जाने की कोशिश करेगी और हो सकता है कि इस टेस्ट के जरिये CBI को ऐसी जानकारी हाथ लगे जिसके जरिये आरोपियों को सज़ा दिलवायी जा सके.



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