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अवैध शराब बनाने वालों के खिलाफ सख्त हुए CM योगी, दोषियों की संपत्ति होगी कुर्क

लखनऊ: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में इन दिनों अवैध शराब लोगों की मौत का कारण बन रही है. इसे लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने सख्ती दिखाई है. लखनऊ तथा प्रयागराज में अवैध देशी शराब के कारण लोगों की मौत पर सख्त रुख अपनाते हुए उन्होंने इनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करने और दोषी की सम्पत्ति कुर्क कर पीडित परिवारों को मुआवजा देने का निर्देश दिया है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के डीजीपी, प्रमुख सचिव आबकारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से प्रदेश में अब किसी भी कीमत पर अवैध शराब के काले कारोबार पर अंकुश लगाने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही चेतावनी दी है कि यदि किसी इलाके में अवैध शराब बिकती हुई पाई जाती है, तो वहां के थानेदार और आबकारी अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी. अब निलंबन और बर्खास्तगी के साथ ही एफआईआर दर्ज कर जेल भी भेजा जाएगा. प्रयागराज में छह तथा लखनऊ में पांच लोगों ने दम तोड़ा था.

मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि उत्तर प्रदेश के किसी भी जिले में अवैध शराब नहीं बिकनी चाहिए. इस काले कारोबार पर हर हाल में अंकुश लगना चाहिए. उत्तर प्रदेश सरकार ने अवैध एवं कच्ची शराब के निर्माण व बिक्री को रोकने के लिए आबकारी विभाग की टीम गठित कर प्रत्येक जिले में 15 दिवसीय विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं.

अपर मुख्य सचिव आबकारी संजय आर भूसरेड्डी ने बताया कि आबकारी विभाग की टीम गठित कर प्रत्येक जिले में 15 दिवसीय विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं. सर्दी के मौसम में अवांछित लोग अनियमित ढंग से कच्ची शराब को घरों में बनाने का कार्य करते हैं, जिसे प्रभावी रूप से रोका जाना आवश्यक है. इसके लिए यह अभियान चलाया जा रहा है, ताकि किसी भी रूप में अवैध और कच्ची शराब का निर्माण व बिक्री न हो सके.

भूसरेड्डी ने बताया कि इस संबंध में समस्त जिलों में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिये गये हैं. उन्होंने बताया कि इस अभियान के लिए आबकारी विभाग की टीम को जिला स्तर पर आवश्यकतानुसार पुलिस विभाग भी सहयोग करेगा, जिससे प्रत्येक दशा में अवैध कच्ची शराब का निर्माण, बिक्री एवं उसके परिवहन पर प्रभावी रोक लगायी जा सके.

अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि जिलाधिकारी के माध्यम से पुलिस, प्रशासन एवं आबकारी की संयुक्त टीमों का गठन कराया जाए और आवश्यकतानुसार प्रवर्तन इकाईयों द्वारा इन टीमों को सहयोग प्रदान किया जाए. ये टीमें अवैध शराब एवं नारकोटिक्स के कुख्यात अड्डों पर निरन्तर छापेमारी कर अवैध कारोबार को समूल नष्ट करें तथा पकड़े गये आरोपियों पर आईपीसी सहित अन्य अधिनियमों की कठोरतम धाराओं में कार्रवाई सुनिश्चित करें. इसके साथ ही आरोपी पाए गए व्यक्तियों की संपत्ति भी कुर्क की जाएगी.

(इनपुट- एजेंसी IANS)



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