India

‘वोकल फॉर लोकल’ को लोकप्रिय बनाने के PM मोदी के आह्वान को मिला संत समाज का समर्थन

दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) का आत्मनिर्भर भारत के लिए ‘वोकल फॉर लोकल’ को लोकप्रिय बनाने के मकसद से आध्यात्मिक गुरुओं से किया गया मदद का आह्वान रंग लाता दिख रहा है. ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के श्रीश्री रविशंकर और योग गुरु बाबा रामदेव सहित कई आध्यात्मिक गुरु खुलकर इसके समर्थन में आए हैं.

आध्‍यात्मिक गुरुओं ने देश को आत्‍मनिर्भर बनाने की दिशा में ‘वोकल फॉर लोकल’ आह्वान को लोकप्रिय बनाने तथा इसे बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्धता जताई और इसे समर्थन देने का संकल्‍प भी व्‍यक्‍त किया है. प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि श्रीश्री रविशंकर ने प्रधानमंत्री के आह्वान के समर्थन में कहा कि उनके संगठनों के युवा वर्ग ने एक ऐप विकसित किया है और दैनिक जीवन में वस्‍तुओं के इस्‍तेमाल में आत्‍मनिर्भर भारत के संकल्‍प को दोहराया है.

बाबा रामदेव ने भी पतंजलि और अपने अनुयायियों की ओर से आत्‍मनिर्भर भारत के महान कार्य के प्रति अपना संकल्‍प व्‍यक्‍त किया है. पीएमओ ने अपने बयान में कहा कि बाबा रामदेव ने अन्‍य आध्‍यात्मिक गुरुओं के साथ संपर्क करने की पेशकश करते हुए सभी को ‘वोकल फॉर लोकल’ मंच पर एक साथ लाने की बात कही है.

सद्गुरु जग्‍गी वासुदेव ने प्रधानमंत्री के आह्वान के समर्थन में ट्वीट करते हुए कहा, “आत्‍मनिर्भरता एक ऐसी मौलिक ताकत है, जो एक मजबूत एवं स्‍थायी राष्‍ट्र के लिए बहुत जरूरी है. हमें देश के राष्‍ट्रीय ताने-बाने को लचीला बनाना है, इसमें अलगाव की भावना नहीं होनी चाहिए और यही विश्‍व के लिए महत्‍वपूर्ण है, जो केवल देश के नागरिक वर्ग की प्रतिबद्धता से ही संभव है.”

प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को देश की जनता का आह्वान किया था कि जिस प्रकार उन्होंने दिवाली और अन्य त्योहारों में स्थानीय अर्थव्यवस्था (लोकल इकॉनमी) का समर्थन किया, उसे इसी प्रकार आगे भी जारी रखें. उन्होंने संतों और महात्माओं से भी ‘‘वोकल फॉर लोकल’’ यानी स्थानीय चीजों को अधिक महत्व देने के संदेश को घर-घर पहुंचाने का आग्रह किया था. प्रधानमंत्री मोदी जैनाचार्य विजय वल्लभ सूरीश्वर जी महाराज की 151वीं जयंती पर उनके सम्मान में स्थापित ‘स्टैच्यू ऑफ पीस’ का अनावरण करने के बाद संत समुदाय और आम जन को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित कर रहे थे.

मोदी ने कहा, ‘आज 21वीं सदी में मैं आचार्यों, संतों से एक आग्रह करना चाहता हूं कि जिस प्रकार आजादी के आंदोलन की पीठिका भक्ति आंदोलन से शुरु हुई. वैसे ही आत्मनिर्भर भारत की पीठिका तैयार करने का काम संतों, आचार्यों, महंतों का है. आप जहां भी जाएं, जहां भी बोलें, आपके मुंह से ‘वोकल फॉर लोकल’ का संदेश देश के हर व्यक्ति तक पहुंचते रहना चाहिए.’

(इनपुट- एजेंसी भाषा)



Source link

Leave a Reply