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Government earn crores by doing ‘Mann Ki Baat’ | ‘मन की बात’ से पैसे की बर्बादी नहीं सरकार को हुई आमदनी, RTI में खुलासा

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने 2014 में सत्ता संभालने के बाद 15 अगस्त को लाल किले के प्राचीर से अपने को प्रधान सेवक बताया था. यही नहीं, लोगों से सीधे जुड़ने के लिए उन्होंने ‘मन की बात‘ कार्यक्रम की शुरुआत भी की. महीने में एक बार पीएम मोदी रेडियो के जरिए लोगों से अपने मन की बात करते हैं. ये कार्यक्रम लगभग अनवरत चल रहा है.

देश में काफी लोकप्रिय इस कार्यक्रम में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा भी शरीक हुए थे जब वे भारत आए थे. इसके बावजूद उनके विरोधी इसपर कई तरह के आरोप लगाते रहे हैं. एक आरोप सरकार के धन की बर्बादी का भी लगा. लेकिन अब ये सबके सामने आ गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात से सरकार को आमदनी ही हुआ है.

RTI के जरिये जो आंकड़ा सामने आया है उसके अनुसार इस कार्यक्रम की जानकारी देने के लिए जो विज्ञापन पर खर्च हुआ उससे तीन गुना से भी ज्यादा आय हुआ है. आमदनी का जो आंकड़ा सामने आया है, उसके अनुसार…
2014-15 में 1.16 करोड़ रुपये
2015-16 में 2.81 करोड़ रुपये 
2016-17 में 5.12 करोड़ रुपये
2017-18 में 10.58 करोड़ रुपये
2018-19 में 7.47 करोड़ रुपये
2019-20 में 2.56 करोड़ रुपये
और 2020 में अब तक 58 लाख रुपये रेवेनुए के रूप में आए हैं. कुल मिलाकर ये आंकड़ा 30 करोड़ रुपये से भी ज्यादा का है.

अब मन की बात कार्यक्रम को रेडियो, टेलीविजन, ऑनलाइन और अन्य तरीके से विज्ञापन पर जो खर्च आया, उसका आंकड़ा भी RTI के जरिए सामने आया है. RTI के जवाब में बताया गया कि प्रिंट मीडिया में 2014 से 2020 तक 7,29,88,765 रुपये का खर्च आया है. जबकि अभी तक TV या अन्य साधनों द्वारा विज्ञापन पर एक पैसा खर्च नहीं हुआ है. अनिकेत गौरव नामक व्यक्ति के RTI के जरिए पूछे गए सवाल का जवाब सूचना और प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत आनेवाला  Bureau of Outreach & Communication विभाग ने दिया है. जो जानकारी दी है, उसके अनुसार 2014 से खर्च का विवरण इस प्रकार है…

2014 -15 का आंकड़ा:-
कुल खर्च 1,83,34,738 रुपये.
स्पेशल एडिशन पर 60,50,305 रुपये खर्च हुए.
जबकि विज्ञापन पर इस साल 92,03,257 रुपये खर्च हुए.

2015-16 का आंकड़ा:-
कुल खर्च 2,38,96,241 रुपये.
विशेष कार्यक्रम पर 3,53,534 रुपये
विज्ञापन पर 48,40,616 रुपये.
उसी साल के मन की बात पर और खर्च आये 52,836 रुपये.

2016-17 के आंकड़े:-
कुल खर्च 75,976 रुपये.
31 मई के कार्यक्रम पर 47,593 रुपये खर्च हुए.
विज्ञापन पर 19,686 रुपये खर्च हुए.

2017-18 का आंकड़ा:-
कुल 15,09,740 रुपये खर्च हुए.

2019-20 और 21 सितम्बर 2020 तक कोई खर्च नही बताया गया है. यानि कुल मिलाकर 2014 से अभी तक विज्ञापन पर खर्च आये है 7,29,88,765 रुपये. 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मन की बात कार्यक्रम के श्रोता भी करोड़ों में है. इसमें प्रधानमंत्री मोदी देश की जनता से सुझाव भी मांगते हैं. कई सुझावों का जिक्र पीएम मोदी अपने कार्यक्रमो में करते रहे है. अब तो यह कार्यक्रम सरकार का खजाना भी भर रहा है. वैसे भी पीएम मोदी ने अपनी आमदनी का बड़ा हिस्सा देश के विकास कार्यो में दान ही किया है. अब इस कार्यक्रम से हो रही आमदनी का भी इस्तेमाल देश के विकास में ही होगा.

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