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40282 ancient coins become the property of archeology department| पुरातत्व विभाग की संपत्ति बने 40282 प्राचीन सिक्के, कीमत जानकर रह जाएंगे हैरान

नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने बुधवार को एक समारोह में प्राचीन काल के 40282 सिक्कों को पर्यटन एवं सस्कृत मंत्रालय को सौंप दिया. करीब 40282 सिक्कों (ancient coins) की कीमत भारतीय पुरातत्व विभाग (archeology department) ने  63.90 करोड़ आंकी है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इन सिक्कों की कीमत करीब 600 करोड़ आंकी गई है. 

प्राचीन काल के हैं सिक्के
जब्त किए गए ये सिक्के 1206 से 1720 ईस्वी में मुगल काल, 1800 से 1900 ईस्वी में कश्मीर, मराठा, गुप्त,चोला, राजपूत वंश के समय के हैं. इनमें कुछ सिक्के भारत में अग्रेजों के राज, आस्ट्रेलिया और फ्रांस के भी है. इन चिन्हों में पुराने समय में महिलाओं के पहने जाने वाले गले के हार, राजाओं की आधिकारिक सील, कमरबंद और धार्मिक चिह्न भी शामिल है.

1994 में दो विदेशी नागरिकों से हुए थे बरामद
इन जब्त किए गए पुरातत्व सिक्कों की बात की जाए तो कहानी और भी अनोखी है. दरअसल बात साल 1994 की है जब दो विदेशी नागरिकों को दिल्ली एयरपोर्ट पर 6,133 पुराने और ऐतिहासिक सिक्कों के साथ पकड़ा गया था. पकड़े गये दोनों नागरिक इन सिक्कों को हांगकांग लेकर जा रहे थे. इनमें एक विदेशी नागरिक V J A Flynn आस्ट्रेलिया का रहने वाला था और दूसरा Sadasiwan Mudaliar भारतीय मूल का फिजी का नागरिक था. 

कस्टम विभाग ने भारतीय नागरिक को पकड़ा
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि ये सिक्के इन्होने दिल्ली के पम्पोश एंक्लेव में रहने वाले एस एस रस्तोगी से मिले थे. इसके बाद कस्टम विभाग ने वहां भी छापेमारी कर रस्तोगी के घर से 34,149 सिक्के बरामद किए गये. कस्टम की पूछताछ में रस्तोगी ने बताया कि उसे पुराने सिक्के और पुरातत्व चीजों को रखने का शौक है और देश भर से वो इन्हे इकट्ठा कर रहा है. यही बात आस्ट्रलिय़ा और फीजी के रहने वाले नागरिक ने बताई. लेकिन कोई भी इस बात का जवाब नहीं दे पाया कि रस्तोगी ने ये 6 हजार सिक्के V J A Flynn को किस लिए दिए. जबकि खुद उसे सिक्के रखने का शौक है.

अदालतों से खारिज हो गई आरोपियों की याचिका
जिसके बाद तीनों को कस्टम ने 2/12/1994 शो कॉज नोटिस दिया. तीनों आरोपियों ने दिल्ली हाई कोर्ट में इस नोटिस का विरोध किया लेकिन हाई कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी. जिसके बाद तीनों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की. सुप्रीम कोर्ट ने भी उनकी याचिका और रिव्यु पिटीशन खारिज कर दी. 

केस के दौरान दो आरोपियों की हुई मौत
आखिरकार वर्ष में 2007 में V J A Flynn ने दिल्ली हाई कोर्ट में इस मामले में निपटारा करने की याचिका लगाई. जिसके बाद कस्टम ने कार्रवाई शुरू करते हुए वर्ष 2009 को सिक्के, एंटिकस को जब्त करने का आदेश दिया और 50 लाख रुपये का जुर्माना  लगाया. हालांकि इस दौरान बाकी दोनो आरोपी SS Rastogi और Saadasiwan Mudaliar की मौत हो चुकी थी.

तीसरे आरोपी की पत्नी ने विभाग पर किया केस
V J A Flynn ने कस्टम के इस फैसले से नाराज होकर CESTAT यानी Custom Excise And Service Tax Appellate Tribunal में अपील कर दी. जब तक इस पर फैसला आता, V J A Flynn की भी मौत हो गई. जिसके बाद Flynn की पत्नी ने विभाग पर मानहानि का ही दावा कर दिया था.

बीच का रास्ता निकालते हुए सजा वापस ली गई
केस चलते रहने के कारण इन ऐतिहासिक सिक्कों को लेकर किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जा सकती थी. लिहाजा किसी तरह इस मामले में बीच का रास्ता निकाला गया और फिर तीनों आरोपियों के खिलाफ सुनायी गई सजा के फैसले को वापिस लिया गया. जिसके बाद Flynn की पत्नी ने केस वापिस लिया और ये ऐतिहासिक सिक्के देश की धरोहर बन सके. अब इन सिक्कों को पुरातत्व विभाग संभाल कर रखेगा, जिससे लोग अपनी घरोहर के बारे में जान सकें. 

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