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India buying winter clothing from US, Europe for troops in Ladakh news and updates | भारत लद्दाख में तैनात सैनिकों के लिए अमेरिका और यूरोप से सर्दियों के कपड़े और वॉरफेयर किट खरीद रहा

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नई दिल्लीएक घंटा पहले

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सर्दियों के दौरान एलएसी पर सुरक्षाबलों को हटाए जाने की संभावना अब बहुत कम है। इसकी वजह से भारत को बड़े स्तर पर लॉजिस्टिक अरेजमेंट करनी होगी। -फाइल फोटो

  • भारत और अमेरिका के बीच लॉजिस्टिक्स एक्सचेंज मेमोरेंडम एग्रीमेंट के तहत सर्दियों के कपड़े खरीदे गए
  • भारत अपनी तत्काल जरूरतों को देखते हुए ज्यादा सर्दियों के कपड़े खरीदने के लिए यूरोपीय बाजारों की ओर भी देख रहा

भारत ने अमेरिका से ऊंचाई वाले इलाकों के लिए वॉरफेयर किट खरीदे हैं। इसकी जानकारी रखने वाले अधिकारियों ने कहा कि चीन के साथ तनाव जारी है। इसे देखते हुए दक्षिण एशियाई देश सर्दियों में भी टकराव के लिए पूरी तैयारी में जुट गई है। सर्दियों के मौसम में एक्चुअल लाइन ऑफ कंट्रोल (एलएसी) पर बड़ी संख्या में सेना तैनात किए जाने की जरूरत है। इसके चलते अमेरिका और यूरोप से विंटर क्लोथ खरीदे गए हैं।

अमेरिका में 2016 में समझौता हुआ

भारत और अमेरिका के बीच लॉजिस्टिक्स एक्सचेंज मेमोरेंडम एग्रीमेंट (एलईएमओए) के तहत सर्दियों के कपड़े खरीदे गए हैं। यह समझौता 2016 में हुआ था। समझौते के तहत दोनों देशों के सैनिकों के बीच लॉजिस्टिक सपोर्ट और सप्लाई की जा सकती है। इसमें कपड़े, भोजन, ल्यूब्रिकेंट्स, स्पेयर पार्ट्स, मेडिकल सर्विसेज के साथ ही अन्य जरूरी चीजें शामिल हैं।

13 अहम चोटियों पर भारत का कब्जा

भारत अपनी तत्काल जरूरतों को देखते हुए ज्यादा सर्दियों के कपड़े खरीदने के लिए यूरोपीय बाजारों की ओर भी देख रहा है। भारतीय सैनिकों का लद्दाख के पैंगॉन्ग लेक के दक्षिण में 13 अहम चोटियों पर कब्जा है, जहां वे माइनस 25 डिग्री सेल्सियस टेम्परेचर में पूरी मुस्तैदी के साथ डटे हुए हैं।

12 अक्टूबर को सातवें राउंड की बैठक हुई

सीमा विवाद हल करने के लिए चुशुल में 12 अक्टूबर को कोर कमांडर स्तर की लगभग 11 घंटे की बैठक हुई। सर्दियों के दौरान एलएसी पर सुरक्षाबलों को हटाए जाने की संभावना अब बहुत कम है। इसकी वजह से भारत को बड़े स्तर पर लॉजिस्टिक अरेजमेंट करनी होगी।

चीनी सेना की हरकतों पर भारत की नजर

भारत ने 30 अगस्त को रेचन ला, रेजांग ला, मुकर्पी, और टेबल-टॉप जैसी अहम पहाड़ी चोटियों पर कब्जा कर लिया। पैंगोंग लेक के दक्षिणी तट पर स्थित इन क्षेत्रों में लोग नहीं रहते हैं। सेना ने ब्लैकटॉप के पास भी कुछ जवान तैनात किए हैं। चीन के उकसाने वाले सैन्य कदम उठाए जाने की कोशिश के बाद भारत ने ये तैनाती की। इन 13 चोटियों पर भारत के नियंत्रण से चीन के कब्जे वाले स्पैंगुर गैप और पीपुल्स लिबरेशन आर्मी पर नजर रखना आसान हो गया है।

गलवान घाटी समुद्र तल से 15 हजार फीट ऊपर

भारतीय सेना को फॉरवर्ड लोकेशन पर तैनात लगभग 35 हजार अतिरिक्त सैनिकों के लिए विंटर आइटम्स स्टॉक करना होगा। लद्दाख में ज्यादातर संघर्ष वाले पॉइंट्स जैसे कि पैंगोंग लेक और गलवान घाटी, जहां पर टकराव हुए हैं, वे समुद्र तल से 15 हजार फीट ऊपर हैं।

वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आर.के. भदौरिया ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि चीन पूर्वी लद्दाख में सर्दियों के लिए विशेष तैयारी में जुटा हुआ है। हमारी आगे की कार्रवाई जमीनी हकीकत पर निर्भर करेगी। उन्होंने कहा था कि चीन किसी भी संघर्ष में हमसे बेहतर नहीं हो सकता।

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