India

Indian Armed Forces are ready, From Lac to Loc plan is ready | LAC से LoC तक भारत का पराक्रम, आयोजन को लेकर है इतनी विराट तैयारी

नई दिल्ली : सीमा पर चीन से तनाव के बीच लद्धाख में भारतीय वायुसेना और थल सेना पूरी तरह चौकस है. सीमा पर संयुक्त अभ्यासों में थल सेना के भीष्म टैंक के साथ वायुसेना की फाइटर और ट्रांसपोर्ट विमान मौजूद हैं. वायुसेना चीफ ने भी रणनीति साफ कर दी है कि भारतीय वायुसेना (Indian Air forse) भी एलएसी से एलओसी तक पूरी तरह तैयार है.

हिंदुस्तान तैयार है विजयश्री की गाथा लिखने के लिए. सेना तैयार है जल, थल और नभ में शौर्य और पराक्रम के प्रदर्शन के लिए और पराक्रम की इसी गौरव गाथा का नया अध्याय लिखे जाने में महज चंद घंटे बाकी हैं.

सेना ने संभाला मोर्चा
थल सेना लद्दाख में चीन की हरकतों पर पैनी नजर बनाए हुए है वायुसेना के युद्धक विमान लगातार गश्त पर है. नौसेना भी दुश्मन को करारा जवाब देने के लिए तैयार है. और इस सब के बीच वायुसेना प्रमुख की दुश्मन देशों को चेतावनी जारी कर दी है. भारत की सेना ने साफ कर दिया है कि दुश्मन चाहे एलएसी के उस पार हो या एलओसी के पार. जो भी भारत के खिलाफ साजिश करेगा उसका अंजाम बेहद भयानक होगा.

पराक्रम का ट्रेलर जल्द
अबसे करीब 48 घंटे बाद दुष्प्रचार का प्रोपेगेंडा चलाने वाले दुश्मनों के लिए पराक्रम का ट्रेलर लॉन्च होगा. जो हिंदुस्तान की तैयारी और ताकत समझने के लिए काफी होगा. वायुसेना की 88वीं वर्षगांठ पर सरहद पर देश का ताकतवर विमान रफाल, अटैक हेलीकॉप्टर अपाचे और स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस अपना शौर्य दिखाएंगे. वायुसेना के इन त्रिदेवों के शक्ति प्रदर्शन दुश्मन को सीधा जवाब होगा कि  कि नए भारत से टकराना अब आसान नहीं होगा.

तीनों महारक्षकों की टॉप 5 क्षमताएं 
गौरतलब है कि इन्हे दुश्मनों का काल कहा जाता है.  रफ़ाल  4.5  जनरेशन का लड़ाकू विमान है. रफ़ाल की रेंज है 3700 किलोमीटर रफ़ाल की स्पीड है 2222 किमी/घंटा . रफ़ाल की एक मिनट में 60 हज़ार फीट  की ऊंचाई पर Tried और tested है. यानी जांचा परखा है और लीबिया, सीरिया, ईराक  की लड़ाई में दमखम दिखा चुका है .

अपाचे का अचूक वार 
ऑपरेट करने के लिए दो पायलटों की जरूरत.
बड़े विंग्स को चलाने के लिए दो इंजन जरूरी.
अधिकतम रफ्तार 280 किलोमीटर प्रति घंटा.
16 एंटी टैंक मिसाइल दागने की क्षमता मौजूद 
फ्लाइंग रेंज 550 Km, ऑपरेशन टाइम 3 घंटे

समझिए तेजस का तेज 
लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट तेजस सिंगल सीटर फायटर प्लेन है, जो एक बार में 1850 Km दूरी तय कर सकता है. आपको बता दें कि 6560 Kg वजन वाला तेजस एयर-टू-एयर मिसाइल और लेजर गाइडेड बम से भी लैस है.

सेना प्रमुख और वायुसेना प्रमुख की अगुवाई में भारतीय सेना और वायुसेना संयुक्त तौर पर किसी भी हालात से निपटने के लिए तैयार हैं. यानी अगर युद्ध की स्थिति बनती है तो हिंदुस्तान अपने दम पर दोनों मोर्चों पर जीतने के लिए तैयार है. एलएसी पर थलसेना और वायुसेना के संयुक्त युद्धाभ्यास जारी हैं.

इस युद्धाभ्यास में फाइटर और ट्रांसपोर्ट विमान शामिल हैं. लद्दाख में इस वक़्त शिनूक हेलीकॉप्टर अपाचे हेलीकॉप्टर, C-17 ग्लोबमास्टर, C-130J सुपर हरक्यूलिस विमान देखे जा सकते हैं. जो भारत की अचूक रणनीति की सिर्फ झांकी भर है.

लद्दाख सेक्टर में इंडियन आर्मी और वायुसेना दिन रात दुश्मनों पर चौकस नजर रखे हुए हैं. पराक्रम के प्लान के पीछे दस महीने पहले हुई सीडीएस की नियुक्ति और सेना और वायुसेना के प्रमुखों की पुरानी दोस्ती और उनकी बेहतर समझ, युद्ध की स्थिति में विजय दिलाने में अहम भूमिका निभाएगी.

LIVE TV

 



Source link

Leave a Reply