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Shakti Malik Murder case: Bihar Police filed FIR against Tejaswhi Yadav, Tej Pratap Yadav | बिहार चुनाव से पहले मुश्किल में तेजस्वी-तेजप्रताप, इस मामले में FIR दर्ज

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections 2020) से पहले आरजेडी नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) और उनके बड़े भाई तेजप्रताप (Tej Pratap Yadav) की मुश्किलें बढ़ गई हैं. दोनों भाइयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है. दोनों भाइयों पर अपनी ही पार्टी के दलित नेता शक्ति मलिक (Shakti Malik) की हत्या का आरोप लगा है. मलिक की पत्नी ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है. रविवार को पूर्णिया के मुर्गी रोड फॉर्म रोड स्थित शक्ति मल्लिक के घर में घुसकर अज्ञात अपराधियों ने मल्लिक की गोली मारकर हत्या कर दी थी. एफआईआर में पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव, कालू पासवान, अनिल साह, सुनीती देवी, मनोज पासवान को भी नामजद आरोपी बनाया गया है. 

आरजेडी नेता शक्ति मलिक की हत्या में मामले में तेजस्वी यादव और तेजप्रताप यादव का नाम क्यों आ रहा है. दरअसल, इसकी वजह एक वायरल वीडियो है. यह वायरल वीडियो आरजेडी के दलित नेता शक्ति मलिक का है जिनकी हत्या हो गई है. हत्या से पहले उन्होंने ये वीडियो जारी किया था जिसमें शक्ति मलिक ये बता रहे हैं कि जब वो टिकट मांगने तेजस्वी यादव के पास गए थे तो तेजस्वी यादव ने जातिसूचक शब्द का इस्तेमाल करते हुए हत्या करवाने तक की धमकी दे डाली थी. 

शक्ति मलिक आरजेडी के पूर्व प्रदेश सचिव थे. वे रानीगंज विधानसभा सीट से चुनाव लड़ना चाहते थे और इसी सिलसिले में उन्होंने तेजस्वी यादव से टिकट मांगने गए थे जिसमें आरोप है कि तेजस्वी यादव ने 50 लाख रुपए की मांग की थी. 

मामले की जांच जारी
इधर, पूर्णिया के एसपी विशाल शर्मा ने बताया कि इस मामले की प्राथमिकी खजांची हाट थाना में दर्ज कर ली गई है तथा पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. उन्होंने कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया यह हत्या का मामला लगता है. 

अब इस मामले में तेजस्वी यादव जेडीयू के निशाने पर हैं. जेडीयू नेता अभिषेक झा का कहना है कि आरजेडी में टिकट बिक्री का उद्योग चलता है जिसकी वजह से एक दलित नेता की जान चली गई. चारा घोटाला मामले में लालू प्रसाद यादव पहले से ही जेल में हैं और अब पूर्णिया में दलित नेता शक्ति मलिक की हत्या में तेजस्वी यादव और तेजप्रताप यादव का नाम आने से विधानसभा चुनाव में आरजेडी की मुश्किलें और बढ़ा दी है. आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव में आरजेडी का खाता भी नहीं खुल पाया था.



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