Take the country in confidence about the ongoing deadlock with China, Prime Minister and Defense Minister | चीन सीमा विवाद पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री से पूछे ये सवाल

नई दिल्ली: भारत- चीन सीमा विवाद पर कांग्रेस ने सरकार पर हमला किया है. मामले में विपक्षी पार्टी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से सवाल भी पूछे हैं. कांग्रेस ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से आग्रह किया कि वह चीन के साथ चल रहे गतिरोध को लेकर देश को विश्वास में लें.

कांग्रेस ने पूछे सवाल
पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने सवाल किया कि चीन के साथ विभिन्न स्तरों पर हुई बातचीत का नतीजा क्या निकला? उन्होंने एक वीडियो जारी कर कहा, ‘राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को चीन के रक्षा मंत्री से बातचीत की. इससे पहले विदेश मंत्री ने अपने चीनी समकक्ष से बात की. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने अपने चीनी समकक्ष से दो बात की. राजदूत के स्तर पर कई बार बातचीत हुई. इन बातचीत का नतीजा क्या निकला?  सुरजेवाला ने कहा, ‘प्रधानमंत्री जी और रक्षा मंत्री जी, देश को विश्वास में लीजिए. यह बताइए कि, चीन हमारी सरजमीं से कब्जा कब छोड़ेगा?’ 

चीन से कब आंखों में आंख में डालकर बात होगी? कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजीव शुक्ला ने संवाददाताओं से कहा, ‘हम आशा करते हैं कि सरकार पूरी वस्तुस्थिति से देश का अवगत कराएगी. सरकार के भीतर से ही कई बार विरोधाभासी बयान आते हैं, जिससे चिंता होती है.’ उन्होंने कहा कि, कांग्रेस उम्मीद भी करती है कि, सरकार इस मामले का बातचीत से हल निकालेगी और देश की संप्रभुता के साथ कोई समझौता नहीं होगा.

गौरबतलब है कि शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में रूस की राजधानी मॉस्को में हिस्सा लेने गए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की शुक्रवार देर रात चीन के रक्षा मंत्री जनरल वेई फेंगही से अलग मुलाकात हुई. दोनों रक्षामंत्रियों के बीच यह बैठक 2 घंटे 20 मिनट चली. अधिकारियों के मुताबिक, राजनाथ सिंह ने अपने चीनी समकक्ष से दो टूक कहा कि चीन ने लद्दाख में यथा स्थिति बदलने की कोशिश की, जो द्विपक्षीय समझौतों का उल्लंघन है.

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वहीं आज रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने चीन को कड़े और स्पष्ट शब्दों में कहा कि पूर्वी लद्दाख में तनाव का एकमात्र कारण चीनी सैनिकों का आक्रमक रवैया है और ऐसा चलता रहा तो भारत अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है. भारत सीमा प्रबंधन के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है और निभाता रहेगा लेकिन अपनी संप्रभुता और अखंडता से कभी कोई समझौता नहीं करेगा. (IANS Input)

 



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