NIA filed charge sheet against five accused including Jahazeb and Hina in Khorasan case | इस्लामिक स्टेट खुरासान मामला, एनआईए ने पांच के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट

नई दिल्ली: एनआईए (NIA) ने इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत (आईएसकेपी) मामले में पांच आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है. इन सभी पर आतंकवादी संगठन ISIS और ISKP के साथ जुड़े होने का आरोप है. इसके साथ ही धार्मिक द्वेष बढ़ाने व भारत सरकार के खिलाफ षड़यंत्र रचने का भी आरोप है. इन आरोपियों में जहांजेब सामी, हिना बशीर बेग, अब्दुल्ला बासित, सैयद अनवर शेख और नबील सिद्दीक खत्री शामिल हैं. बता दें कि हिना बशीर बेग जहांजेब सामी की बीवी है.

रिपोर्ट्स के अनुसार आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 120 बी, 124 ए, 153 ए और 201 के तहत मामला दर्ज किया गया है. साथ ही धारा 13, 17, 18, 38, 39 और 40 गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज किया गया है.

गौरतलब है कि इसी साल आठ मार्च को सामी और उसकी पत्नी हिना को दिल्ली में जामिया नगर के ओखला विहार से गिरफ्तार किया गया था. इस संबंध में मामला दर्ज होने के बाद 20 मार्च को एनआईए ने मामला दर्ज किया और जांच शुरू की.

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जांच में पता चला है कि पंजाब के फिरोजपुर का बीटेक छात्र जहांजेब इंटरनेट पर ISIS और ISKP की कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़ा. इसके बाद साल 2017 में मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए ISIS के हैंडलर हुजैफा-अल-बकिस्तानी के साथ संपर्क में आया. हुजैफा-अल-बकिस्तानी ने उसे एक और ISIS संचालक अब्दुल्ला बासित से मिलवाया. बासित पहले से ही एनआईए से जुड़े एक मामले में तिहाड़ जेल में है.

जांच में यह भी पता चला कि हिना बशीर, जिसने पुणे से उच्च शिक्षा प्राप्त की, वह भी साल 2014 और 2015 के बीच सोशल मीडिया के जरिए ISIS से जुड़ी. इसके बाद उसने 2017 में जहांजेब से शादी कर ली. जहांजेब, हिना, अब्दुल्ला बासित और सादिया लगातार खुरासान और सीरिया में स्थित ISIS के गुर्गों के संपर्क में थे.

आईएसकेपी प्रमुख अबू उस्मान-अल-कश्मीरी से निर्देश मिलने पर जहांजेब और अब्दुल्ला ने वाइस ऑफ हिंद शीर्षक से एक पत्रिका तैयार की. जिसमें मुसलमानों को गैर-मुसलमानों के खिलाफ उकसाया गया. उन्हें भारत सरकार के खिलाफ विद्रोह करने और ISIS में शामिल होने के लिए भी प्रेरित किया गया. इसके साथ ही ये लोग सीएए के जरिए भी युवाओं को उकसा रहे थे.

जांच में पता चला है कि आरोपी जहांजेब, हिना, अब्दुल्ला और नबील सिद्दीकी ने आईईडी बनाने की कोशिश की. साथ ही भारत में ISIS एवं आईएसकेपी की गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए भीड़-भाड़ वाली जगहों पर बड़े पैमाने पर हत्याएं करने की योजना बना रहे थे. उनके द्वारा महाराष्ट्र के कुछ प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों की रेकी भी की गई. जिन स्थान पर विदेशी सैलानियों की संख्या ज्यादा रहती है.

एनआईए ने 17 अगस्त को बेंगलुरु से एक और आरोपी अब्दुर रहमान को गिरफ्तार किया. यह ISIS एवं आईएसकेपी की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए साजिश के तहत आरोपी जहांजेब के संपर्क में था. इसके साथ ही उसने साल 2014 में सीरिया में ISIS के मेडिकल कैंप का दौरा भी किया था. इस मामले में अब्दुर रहमान और अन्य संदिग्धों की गतिविधियों की जांच जारी है.

बता दें कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने और इंटरनेट बंद सेवा बंद होने के बाद ये सभी दिल्ली गए थे. इसके पीछे इनका मकसद युवाओं को आईएसकेपी संगठन में भर्ती कराना था. जहांजेब सामी साल 2017 में दुबई भी गया था. इसके बाद कागजों में फर्जीवाड़ा करके ये अफगानिस्तान पहुंच गया था. सामी करीब तीन महीने अफगानिस्तान में रहा था.



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