व्यापार सुधारों को लागू करने में आंध्र प्रदेश शीर्ष पर है व्यापार सुधारों को लागू करने के मामले में आंध्र प्रदेश अव्वल है

नई दिल्ली, 5 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्र ने शनिवार को व्यापार सुधारों को लागू करने के मामले में आंध्र प्रदेश को सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला राज्य घोषित किया।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को राज्य व्यापार सुधार कार्य योजना को लागू करने के आधार पर राज्यों की रैंकिंग जारी की।

राज्य व्यापार सुधार कार्य योजना 2019 (स्टेट बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान) का उद्देश्य विनियामक संरचनाओं को सुव्यवस्थित करने और प्रक्रियाओं को सरल बनाने, सूचना के डिजिटलीकरण और अनुपालन पर को आसान बनाते हुए व्यावसायिक वातावरण में सुधार करना है। इस योजना का उद्देश्य एक निवेशक-हितैषी व्यावसायिक माहौल तैयार करना है।

नवीनतम रैंकिंग के अनुसार, व्यापार सुधारों को लागू करने में 2019 में उत्तर प्रदेश के दूसरे स्थान पर रहा जबकि इस दिशा में बेहतर काम करने के लिए तेलंगाना को तीसरे स्थान के लिए चुना गया।

चौथे संस्करण की रैंकिंग में सबसे बड़ा बदलाव वह है जिसमें वास्तविक उपयोगकतार्ओं से फीडबैक के बारे में सभी सुधारों को लागू किया गया है। इसका मतलब यह है कि इस तरह की प्रतिक्रिया सभी 181 सुधार मापदंडों पर एक राज्य के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के लिए एक महत्वपूर्ण आधारशिला गई है।]

कुछ सुधार क्षेत्र, जहां राज्यों के प्रदर्शन को चुनौती दी गई है, उनमें टिंग क्रेडिट, पेइंग टैक्स, रिजॉल्विंग इन्सॉल्वेंसी, कंस्ट्रक्शन परमिट, रेजिस टेरिंग प्रॉपर्टी, एनफोसिर्ंग कॉन्ट्रैक्ट, व्यापार की शुरुआत और शनिवार को बीटॉस बीलाइन शामिल हैं।

निष्पादन प्रदर्शन करने वाले राज्यों के अलावा, 2019 रैंकिंग में यह भी सामने आया है कि उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली, लक्षद्वीप जैसे राज्यों ने पिछले वर्ष की तुलना में अपनी रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार दिखाया है। इस मामले में उत्तर प्रदेश ने 2018 में 12 वें स्थान के मुकाबले 2019 में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए दूसरे स्थान पर कब्जा कर लिया।

लेकिन हरियाणा, ओडिशा, केरल, कर्नाटक, बिहार, गोवा, असम और आश्चर्यजनक रूप से गुजरात पिछले साल के अपने प्रदर्शन की तुलना में 2019 में सुधारों की पहल के मामले में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले राज्य रहे हैं। बड़े औद्योगिक राज्यों में शुमार महाराष्ट्र ने अपना 13 वां स्थान बरकरार रखा है। वर्ष 2018 की रैंकिंग में भी महाराष्ट्र 13 वें स्थान पर था।

रिपोर्ट जारी करने के बाद वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र इस पहल के माध्यम से राज्यों के बीच प्रतिस्पर्धात्मक भावना का निर्माण करने की कोशिश कर रहा है।

वित्त मंत्री ने कहा कि कुछ राज्यों ने एक्शन प्लान को एक साथ रखने और सुधार सुनिश्चित करने के लिए असाधारण ऊर्जा दिखाई है। राज्यों ने राज्य व्यापार सुधार कार्य योजना के पीछे की सच्ची भावना को अपनाया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने कोविद महामारी को एक अवसर के रूप में देखा और यही कारण है कि सभी आत्मनिर्भर भारत योजनाओं से जुड़ी घोषणाओं के प्रदर्शन में शामिल हुए।

इसके अलावा वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र की आत्मनिर्भर पहल प्रतिस्पर्धी बनने और गुणवत्ता वाले उत्पादों की पेशकश द्वारा निर्यात बढ़ाने में सहायक है।

एकेके / जेएनएस



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