सर्कुलर पर केंद्र ने दी सफाई

नई दिल्ली। पूरा देश वैश्विक महामारी कोरोना से जूझ रहा है। जाहिर है लॉकडाउन के दौरान तमाम गतिविधियों के रहने जाने से देश की अर्थव्यवस्था को भी झटका लगा है। इस बीच शुक्रवार को व्यय विभाग ने सरकारी खर्च पर अंकुश लगाने के लिए शुक्रवार को सर्कुलर जारी किया। लेकिन अब केंद्र ने इस सर्कुलर के जारी होने के ठीक एक दिन बाद स्पष्ट किया कि मौजूदा हालात में सरकारी नौकरियों (सरकारी नौकरियों) के लिए भर्ती या इन कटौती (सरकारी नौकरियों में अवकाश पर प्रतिबंध नहीं) नहीं हो सकता है।

गौर करने वाली बात यह है कि केंद्र की ओर से यह बयान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और पार्टी सांसद राहुल गाँधी के सरकारी प्रयासों को लेकर केंद्र पर किए गए हमले के ठीक कुछ घंटेो बाद आया। कांग्रेस सांसद गाँधी ने कुछ घंटे पहले एक ट्वीट में सरकारी नौकरियों में भर्ती पर रोक से जुड़ी एक खबर के क्लिपपिंग को शेयर करते हुए कहा था कि, “मोदी सरकार की सोच न्यूनतम सरकार, अधिकतम निजीकरण है। कोविद सिर्फ एक बहाना है, सरकार की योजना सभी स्थायी कर्मचारियों से सरकारी इकाइयों को मुक्त करना, युवाओं का भविष्य बढ़ाने और अपने दोस्तों को आगे बढ़ाने की है। ”

सर्कुलर के कुछ बिंदुओं पर अधिसूचना देने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने एक ट्वीट कर कहा, “व्यय विभाग का चार सितंबर 2020 का सर्कुलर पदों के सृजन के लिए आंतरिक प्रक्रिया से संबंधित है। यह कोई भी भर्ती को प्रभावित करता है (सरकारी नौकरियों में कोई प्रतिबंध नहीं है) मंत्रालय ने यह भी कहा कि “भारत सरकार में पदों को भरने पर कोई रोक या प्रतिबंध नहीं है। कर्मचारी चयन आयोग, यूपीएससी, रेलवे भर्ती बोर्ड जैसी सरकारी एजेंसियों के माध्यम से सामान्य भर्तियां बिना किसी प्रतिबंध के हमेशा की तरह जारी रहेंगी। ”

बतौर रिपोर्ट्, वित्त मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले व्यय विभाग ने चार सितंबर को जारी सर्कुलर में कुछ गैर-विकासात्मक व्यय पर “महत्वपूर्ण प्राथमिकता योजनाओं की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने” के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। दस्तावेज़ में केंद्र ने “मंत्रालयों / विभागों, संलग्न निकायों, समन्वय संस्थाओं, विधिक निकायों और स्वायत्त निकायों में व्यय विभाग की स्वीकृति के अलावा नए पदों के सृजन पर प्रतिबंध लगाने की भी घोषणा की है।”



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