गर्भावस्था के दौरान कैसे करें अपने मूड स्विंग होने पर कंट्रोल, जानिएं कुछ आसान टिप्स।

अक्सर महिलाओं को अपनी गर्भावस्था के दौरान कई तरह के लक्षणों का सामना करना पड़ता है। इन लक्षणों में शारीरिक बदलाव तो शामिल है ही साथ ही आप मानसिक तौर पर भी कई तरह के बदलावों से गुजरती हैं। गर्भावस्था के दौरान जो सबसे मुख्य पड़ाव होता है वह होता है मूड स्विंग होने की परेशानी। जिसकी वजह से आप कभी-कभी हद से ज्यादा गुस्सा या फिर मायूस हो जाती हैं। तो कभी खुश, यह इन सब आपके मूड स्विंग की वजह से ही होता है। लेकिन आपको इन बदलावों से परेशान होने की जरुरत नहीं क्यूंकि आज हम आपको बताने जा रहे हैं । ऐसी टिप्स जिनकी मदद से आप गर्भावस्था के दौरान मूड स्विंग होने की परेशानी को कंट्रोल कर पाएगी

गर्भावस्था में मूड स्विंग होने के कारण

गर्भावस्था में मूड स्विंग होने के कई कारण होते हैं। लेकिन जो मुख्य दो कारण होते हैं वह हैं- हार्मोन्स में बदलाव और नींद की कमी। तो आइयें जानते है और किन कारणों से गर्भावस्था में मूड स्विंग होता है और किन टिप्स की मदद से आप इसे कंट्रोल कर सकती है।

हारमोंस में बदलाव

प्रेगनेंसी के शुरुआत में ही महिलाओं में कई तरह के हारमोंस में बदलाव शुरू हो जाते हैं। इनमें से जो मुख्य हार्मोन मूड स्विंग के लिए जिम्मेदार है वह है एस्ट्रोजन। जो कि मस्तिष्क के उस हिस्से में एक्टिव होता है। जो आपके व्यवहार को कंट्रोल करता है। यह हार्मोन चिंता, चिड़चिड़ापन, डिप्रेशन से संबंधित होता है। गर्भावस्था के दौरान इस हार्मोन में कई प्रकार के बदलाव समय-समय पर होते रहते हैं। जिनकी वजह से आपका मूड भी समय-समय पर चेंज होता रहता है।

थकान व नींद की कमी

गर्भावस्था के तिमाही में और आखिरी 3 महीनों में नींद की कमी चिड़चिडे़पन की मुख्य वजह बनता है। पहले 3 महीनों में भले ही महिलाएं ठीक प्रकार से नींद पूरी कर लेती हो। लेकिन गर्भावस्था के तीसरी तिमाही में नींद न आने से महिलाओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। और नींद ना पूरी होने की वजह से अक्सर चिड़चिड़ापन बढ़ने लगता है।

शारीरिक बदलाव व एंजाइटी

जैसे कि आप जानते हैं कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं में कई प्रकार के शारीरिक बदलाव आते हैं। इन शारीरिक बदलावों के परिणामस्वरूप महिलाओं के शरीर के कई हिस्सों में दर्द होता है। इस दर्द से परेशान होकर भी महिलाएं कभी-कभी चिड़चिड़ी हो जाती है। साथ ही महिलाओं को आने वाले भविष्य में बच्चों की परवरिश को लेकर एंजाइटी और डिलीवरी के समय होने वाली परेशानियों की चिंता सताने लगती है। और यह सभी चीजें गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के दिमाग पर काफी प्रभाव डालती है। जिससे महिलाएं अक्सर मायूस हो जाती है।

कैसे करें मूड स्विंग को कंट्रोल

आप कुछ छोटी-छोटी टिप्स की मदद से अपने बर्ताव को कंट्रोल कर सकती हैं। यह टिप्स आप घर पर ही बड़ी आसानी से इस्तेमाल कर सकती हैं। और अपने मूड स्विंग होने की परेशानी पर कुछ हद तक कंट्रोल कर सकती हैं।

रोज सुबह करें व्यायाम व एक्सरसाइज

अक्सर डॉक्टर भी गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को कुछ हल्की- फुल्की एक्सरसाइज व व्यायाम करने की सलाह देते हैं। इनकी मदद से एस्ट्रोजन हार्मोन रिलीज होता है। जो की आपके मूड को रिलैक्स और खुश रखता है।

ले पूरी नींद

जब तक आप अपनी पूरी नहीं लेंगी तब तक आप में चिड़चिड़ापन बरकरार रहेगा। इसलिए जरूरी है कि आप समय से सोएं और अपनी नींद पूरी लें ।

अच्छी डाइट

भोजन का असर सीधा हमारे मूड पर पड़ता है। यदि आप अच्छा खाना नहीं खाती हैं। तो आप मायूस, उदास और चिड़चिड़ी हो जाती हैं। लेकिन वहीं दूसरी तरफ यदि आप अच्छा भोजन करती हैं। और पोष्टिक आहार का सेवन करती हैं तो आप खुश रहती हैं। और आपको मूड स्वींग होने की परेशानी का सामना भी नहीं करना पड़ता।

मालिश

गर्भावस्था के दौरान जरूरी है कि आप अपने इस स्ट्रेस लेवल को कम करने के लिए बालों में तेल की चंपी करें। आप नारियल तेल की मदद चम्पी में ले सकते हैं।

Source link