अमर सिंह के निधन से खाली राज्यसभा सीट पर निर्विरोध चुने गए भाजपा नेता जफर इस्लाम, पार्टी के 7 वें मुस्लिम सांसद बने

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लम्बे समय तक समाजवादी पार्टी के शीर्ष पर रहे अमर सिंह के निधन के कारण से खाली हुई राज्यसभा की सीट के लिए शुक्रवार को बीजेपी नेता सैय्यद जफर इस्लाम (सैयद जफर इस्लाम) को चुन लिया गया। बीजेपी नेता जफ़र इस्लाम इस राज्यसभा सीट के लिए निर्विरोध चुन लिए गए। इसके साथ जफ़र इस्लाम ने अपनी पार्टी के सातवें मुस्लिम सांसद होने का रिकॉर्ड भी अपने नाम दर्ज कर लिया। हालांकि राज्यसभा सीट के लिए यह उपचुनाव हुआ था। ऐसे में बीजेपी नेता सैय्यद जफर इस्लाम का बतौर राज्यसभा सांसद का यह कार्यकाल नवंबर 2022 तक रहेगा।

इससे पहले उत्तर प्रदेश बीजेपी के ही महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ला ने इस दौड़ से अपना नाम वापस ले लिया था। जिससे जफ़र इस्लाम का निर्विरोध चुना जाना मुमकिन हो गया। निर्विरोध राज्यसभा सदस्य चुना जाने के बाद राज्य विधानसभा स्थित पुरुषोत्तम दास टंडन हाल में विशेष सचिव विधानसभा और निर्वाचन अधिकारी बृज भूषण दुबे द्वारा निर्वाचित होने का प्रमाण पत्र बीजेपी नेता जफर इस्लाम के अधिकृत प्रतिनिधियों को सौंपा गया है। इस दौरान राज्य सरकार के वित्त, संसदीय कार्य और चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश कुमार खन्ना की भी मौजूदगी रही।

जफ़र इस्लाम के चुने जाने की जानकारी देते हुए निर्वाचन अधिकारी बृज भूषण दुबे ने बताया कि निर्वाचन के लिए प्रत्याशियों द्वारा प्रस्तुत किए गए नामांकन पत्र के नाम वापसी का आज आखिरी दिन था। उन्होंने बताया कि गोविंद नारायण शुक्ला द्वारा अपना नाम वापस ले लिया गया था। गोविंद नारायण के नाम वापस जाने के लिए उपरांत राज्यसभा निर्वाचन हेतु जफर इस्लाम को एकमात्र प्रत्याशी होने के कारण निर्विरोध रूप से निर्वाचित घोषित कर दिया गया।

हालाँकि निर्वाचन अधिकारी दुबे ने बताया कि अमर सिंह के निधन के उपरांत खाली हुई राज्यसभा सीट के लिए निर्वाचन के लिए बीजेपी ने सैय्यद जफर इस्लाम और गोविंद नारायण और एक अन्य निर्दलीय प्रत्याशी महेश चंद शर्मा को अपना नामांकन कराया था। जिनमें से महेश चंद शर्मा का नामांकन पत्र कोई प्रस्तावक ना होने के कारण खारिज कर दिया गया था, जबकि गोविंद नारायण ने अपना नाम वापस ले लिया था।

बताते चले कि सैयद जफ़र इस्लाम पीछे सात साल से बीजेपी के साथ जुड़े रहे हैं। पार्टी के राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीजेपी में शामिल होने की पूरी प्रक्रिया में भी उनका बड़ा रोल बताया जाता है। ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी इस्लाम को लेकर कहा जाता है कि उन्होंने हाल ही में मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार गिराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। यही कारण था कि उनकी पार्टी ने राज्यसभा सांसद के तौर पर इनाम दिया।

Source link