कर्मचारियों को पसंद नहीं आ रही वर्क फ्रॉम होम, जाना चाहते हैं ऑफिस जानिए क्यों

बिजनेस डेस्क। कोरोनावायरस का संक्रमण है कि रूकने का नाम ही नहीं ले रहा है। हर दिन देश में कोरोना के रिकॉर्ड केस सामने आते हैं। यही कारण है कि कंपनियों ने कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, ज्यादा से ज्यादा कर्मचारियों को घर से काम करने का औप्शन दे रखा है। लेकिन कंपनियों का ये नीलाम कर्मचारियों को रास नहीं आ रहा है। वो ऑफिस रे ही काम करना चाहते हैं।

हाल ही में आंतरिक संपत्ति सलाहकार नाइट फ्रैंक इंडिया ने एक डेवलपर रिपोर्ट जारी की है। जिसके अनुसार कर्मचारियों को घर से काम करना पसंद नहीं आ रहा है और वह अपने कार्यालय के वातावरण को मिस कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक 90 प्रतिशत कर्मचारी कार्यालय काम करना चाहते हैं। इसके पीछे लोगों के अपने कारण है, कोई अपने कार्यालय के वातावरण को मिस कर रहा है। तो किसी को घर से काम करना वर्क प्रेशर जैसा लग रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली एनसीआर के 98 फीसदी कर्मचारी ओनीर जाय काम करना चाहते हैं। जबकि मुंबई 94 फीसदी, बैंगलोर 91 फीसदी, चेन्नई 90 फीसदी, पुणे 88 फीसदी और हैदराबाद 81 फीसदी कर्मचारियों को ऑफिस के काम के लिए बेहतर जगह लगती है और वह वहां पर काम करना चाहते हैं।

इस रिपोर्ट में एक और महत्वपूर्ण बात सामने आई है, वो ये है कि घर से काम करने पर कर्मचारियों की धड़कन बढ़ रही है और परफॉर्मेंस पर भी काफी असर डाला गया है। 30 प्रति से ज्यादा कर्मचारियों का कहना है कि घर से काम करने पर उनकी धारिता और परफॉर्मेंस में गिरावट आई है। जबकि 60 प्रति से अधिक 0 कर्मचारियों का कहना है कि कार्यालय के लिए आवेदन न करने पर उनका समय बचता है, जिससे वे और अच्छे से काम को कर पाते हैं और आइडिया सोच पाते हैं। साथ ही उनका ये भी कहना है कि उनके खर्चे में भी इस से काफी बचत हो रही है।

वर्क प्रेशर को लेकर 60 फीसदी से ज्यादा कर्मचारियों का कहना है कि घर से उन्हें ज्यादा काम करना पड़ रहा है। घर से काम करने के कारण कंपनी उन पर ज्यादा ओवर डाल रही है। जिसके कारण उनका मानसिक तनाव भी बढ़ रहा है।

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