चीन से बढ़ती सीमा विवाद के बीच अरुणाचल प्रदेश में भारत क्यों बढ़ रहा है?

भारत-चीन (भारत-चीन) के बीच बढ़े विवाद के बाद भारत फिर से एक बार समीक्षा मोड में है और इसके लिए हर दिन बेहतर सुरक्षा प्रणाली अपना रही है। चीन से 29/30 की रात को हुई झड़प के बाद भारत ने सुरक्षा संबंधी गतिविधियों को बढ़ा दिया है। भारत नहीं चाहता कि चीन फिर से कहीं से टाइपिंग करने की कोशिश करे।

इसी के मद्देनजर भारत ने अरुणाचल प्रदेश में सुरक्षा बलों की संख्या को बढ़ा दिया है और अपनी पूर्वी सीमा को मजबूत करने में लगा दिया है। हालांकि भारतीय सेना की तरफ से कहा जा रहा है कि ये resular एक्सरसाइज के तहत किया जा रहा है लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ये भारत की चीन के प्रति बढ़ी सतर्कता की वजह से किया जा रहा है।

पहले यही से लगाई गई थी सेंध
ज्ञात है कि 1962 में भारत और चीन के बीच युद्ध का मुख्य केंद्र अरुणाचल प्रदेश ही था। विशेषज्ञों ने इस लिहाज से एक बार फिर सरकार को चेत किया है और कहा है कि मुमकिन है कि चीन एक बार फिर यहां से त्वेस करें और अतीरामन करने के प्रयास करे। इस बात को ध्यान में रखते हुए भारतीय सेना चीन को हावी होने का कोई मौका नहीं देना चाहती है इसलिए अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर विशेष नजर बनाई गई है।

बढ़ाई गई सैनिकों की संख्या
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट की माने तो चीन के साथ सीमा पर बढ़ा विवाद बढ़ा दिया जा सकता है। इसकी पुष्टि इस बात से भी हो जाती है कि स्वयं सेना के एक अधिकारी ने यह बताया है कि सीमा पर सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ाई जा रही है, हालांकि उन्होंने ये भी कहा है कि चीन की तरफ से अभी तक सीमा अतिक्रमण के प्रयास करने जैसे हैं। कोई खबर नहीं है। लेकिन ये भी सच है कि गलवान घाटी में हुई खूनी झड़प के बाद भारत की तरफ से सुरक्षा के मद्देनजर सुरक्षा बलों की संख्या है।

भारत का चीन को दो टूक जवाब
वहीँ, भारत-चीन के बीच हालिया झड़प के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने चीन को करारा जवाब देते हुए ये स्पष्ट कर दिया कि भारत सीमा विवाद को लेकर शांति चाहती है और इसे बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्रालय की तरफ से कहा गया कि चीन ने उकसाने वाली घटना को अंजाम दिया, जिसका जवाब भारतीय सेना ने दिया। ये चीन द्वारा आपसी सहमती और सीमा सहमति का उल्लंघन करना था।

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