महाराष्ट्र सरकार क्यों नहीं चाहती सुशांत केस की सीबीआई जांच?

देश में कोई गरमाता मुद्दा किसी भी क्षेत्र से जुड़ा हो, लेकिन चर्चा में आते ही सियासी बन जाता है। एक्टर सुशांत सिंह राजपूत केस (सुशांत सिंह राजपूत केस) में भी सियासत तेज हो गई है। नेता से लेकर वकील तक हर कोई इस मामले में सीबीआई जांच (सीबीआई जांच) की मांग उठा रहा है। लेकिन महाराष्ट्र सरकार सीबीआई जांच के लिए तैयार नहीं है। जब भी महाराष्ट्र सरकार के नेताओं से इस बारे में सवाल किया जाता है तो वह साफ कह देती है कि इस मामले में सीबीआई जांच की जरूरत नहीं है।

महाराष्ट्र के सीएम कोटव ठाकरे भी सामने आकर कह चुके हैं कि इस मद्दे को सियासी ना बनाए, इस मामले में सीबीआई जांच की जरूरत नहीं है। मुंबई पुलिस पर भरोसा रखें। हालांकि फैंस सीएम कोटव ठाकरे की इन दलीलों से अब शांत नहीं होने वाले हैं। फैंस सीबीआई जांच की मांग इसलिए कर रही है क्योंकि इस केस में मुंबई पुलिस पिछले डेढ़ महीने से छानबीन कर रही है, लेकिन उन्हें इस केस में कुछ भी ऐसा पता नहीं चला, जिसके आधार पर वो एफआईआर दर्ज कर पाते हैं।

इस मामले में पहले एफआईआर सुशांत के पिता की शिकायत पर पटना में दर्ज की गई। पटना पुलिस की एक टीम मुंबई में लगातार तहकीकात भी कर रही है और कई राज भी खुल चुका है। हालांकि रिपोर्टस की मानें तो मुंबई पुलिस बिहार पुलिस को जांच में सहयोग नहीं कर रही है। बिहार के डीजीपी ने खुद इस बात का खुलासा किया कि उन्हें पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज नहीं दी गई है।

अब ये सबको देखते हुए फैंस की अपील है कि केस की निष्पक्ष जांच के लिए इसे सीबीआई को सौंप दिया जाए, लेकिन महाराष्ट्र सरकार इसके लिए राजी नहीं है। जबकि बिहार सरकार और बिहार पुलिस का कहना है कि अगर सुशांत का परिवार चाहेगा तो वो सीबीआई जांच की अपील करने के लिए तैयार है।

अब ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर कोटव ठाकरे की सरकार सीबीआई जांच क्यों नहीं करवाना चाहती है। कुछ रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सुशांत केस में शिवसेना के किसी युवा नेता का भी हाथ है जिसकी वजह से महाराष्ट्र सरकार सीबीआई जांच से बच रही है। हालांकि ये खबरों में कितनी सच्चाई है ये अभी कंफर्म नहीं हो पाया है।

वहीं सुशांत की मौत पर नेता संजय राउत का सामना में आर्टिकल भी कई सवाल खड़े करता है। संजय राउत ने आर्टिकल में साफ लिखा है कि ठाकरे फिल्म के बाद वो जॉर्ज फर्नांडिंस की बायोपिक के लिए सुशांत से संपर्क करना चाहते थे, लेकिन उन्हें पता चला कि सुशांत की मानसिक हालत ठीक नहीं है। उनका व्यवहार भी बहुत खराब है जिसकी वजह से प्रोडक्शन हाउसों ने उनसे दूरी बना ली है।

संजय राउत जब सुशांत से कभी मिले ही नहीं तो उन्होंने इस तरह की बातें आर्टिकल में क्यों लिखीं। फैंस ने सोशल मीडिया पर ये सवाल भी उठाया कि संजय राउत को ये बातें किसने बताई। क्योंकि सुशांत के सभी मोटियों का यही कहना है कि सुशांत का व्यवहार काफी अच्छा था, वो डिप्रेशड नहीं बन सकते।

खैर ये मामला अब कोर्ट तक पहुंच चुका है और अब 5 अगस्त को ही पता चल रहा पाएगा कि सुप्रीम कोर्ट इस केस को किस के हाथों में सौपंती है- बिहार सरकार, महाराष्ट्र सरकार या फिर सीबीआई।

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