राम मंदिर निर्माण के इंतजार में 81 साल की महिला ने 28 साल से नहीं अपनाया

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण (अयोध्या में राम मंदिर) पर विवाद काफी दर्शकों तक गया। हिंदू लोगों के साथ-साथ काफी मुस्लिम लोगों ने भी इसका समर्थन किया, और राम मंदिर निर्माण के लिए कोर्ट में लड़ाई लड़ी। फिर जाकर बीते साल ही सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर (राम मंदिर) निर्माण पर मौहर लगा कर अनुमति दी। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर लोगों ने अपनी ख़ुशी कब कर मनाया। मध्यप्रदेश के जबलपुर में रहने वाली 84 साल की महिला उर्मिला चतुर्वेदी की भावनाओं के साथ राम मंदिर कुछ इस तरह जुड़ा है कि उन्होंने राम मंदिर का निर्माण ना होने तक 28 साल तक अन्न का एक दाना भी नहीं खाया है। अब जब 5 अगस्त को राम मंदिर भूमिपूजन की शुभ घड़ी आ रही है, इसको लेकर बुजुर्ग उर्मिला चतुर्वेदी बहुत खुश हैं।]साथ ही उनका संकल्प भी पूरा होता है।

बात उस समय की है जब साल 1992 में राम जन्मभूमि (रामभूमि) पर बाबरी मज्जिद के निर्माण का काम शुरू हो गया था और बाद में वह टूटा गिरा दिया गया था। इसके बाद से ही डांगे होने लगे। राम मंदिर निर्माण को लेकर भी कुछ काम शुरू नहीं हो पा रहे थे। उस समय उर्मिला चतुर्वेदी 53 वर्ष की थी। उनकी राम मंदिर से भावनाएं जुड़ी थीं। उर्मिला को उस समय राम मंदिर (राम मंदिर) निर्माण के लिए बनी हालत को देखकर बहुत तकलीफ हो रही थी। इसी पर वर्ष 1992 में उर्मिला चतुर्वेदी ने यह निर्णय लिया की जब तक सबकी सहमति से भगवान राम के मंदिर का निर्माण अयोध्या में नहीं होगा, वह तब तक अन्न का एक भी दाना ग्रहण नहीं करेगा।

उर्मिला चतुर्वेदी ने तब से लेकर आज तक अन्न नहीं उत्सर्ग किया। वह प्रतिदिन भगवान राम की अराधना करते हैं। सिर्फ फलाहार ही खा कर अपना जीवन व्यतीत करते हैं। उर्मिला के परिवार वालों ने भी उन्हें अन्न ग्रहण करने की काफी मिन्नत की लेकिन उर्मिला ने अपना संकल्प नहीं तोड़ा। जब राम मंदिर (राम मंदिर) निर्माण को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला हिन्दू पक्ष की तरफ से आया तब भी उर्मिला के परिजनों ने उन्हें अन्न ग्रहण करने के लिए बोला। लेकिन उन्हें राम मंदिर निर्माण के बाद ही अपना संकल्प तोड़ना है। उर्मिला का मानना ​​है कि मंदिर के निर्माण के बाद ही उनका संकल्प पूरा होगा।

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आने वाले 5 अगस्त को राम मंदिर भूमिपूजन (राम मंदिर भूमि पूजन) का कार्यक्रम किया जा रहा है। इस शुभ कार्यक्रम में शामिल होने की उर्मिला की काफी इच्छा है। वह चाहता है अयोध्या में भगवान राम के दर्शन के बाद ही वह अपना संकल्प पूरा होते देखती हैं।

हालांकि उर्मिला की इच्छा पूरी होनी तो नामुमकिन ही है। कोरोना महामारी के कारण 5 अगस्त को अयोध्या के राम मंदिर भूमिपूजन में किसी भी बाहरी शख्स को आने की अनुमति नहीं दी गई है। इस पर के परिजनों का कहना है कि वह लोग अपने घर से ही उर्मिला के साथ बैठकर राम मंदिर (राम मंदिर) निर्माण का पूरा कार्यक्रम का टीवी पर लाइव टेलीकास्ट देखागें। इसके बाद उर्मिला का संकल्प पूरा कर पाने की कोशिश करते हुए उन्हें अन्न ग्रहण करने के लिए कहने लगे।

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