यूपी में अब ट्रैफिक नियमों का पालन न करने पर भरना दोगुना हो जाएगा

भारत में नागरिकों की सुरक्षा और सड़क सुरक्षा को कम करने के लिए केंद्र सरकार ने पहले ही गाड़ी चलाने वाले लापरवाही करने वाले लोगों पर दबाव डाला।]अब उत्तरप्रदेश सरकार ने इसपर ही और सख्त रुख अपना लिया है। उत्तरप्रदेश में रहने वालों को यह जानना जरूरी है कि अब उत्तरप्रदेश में यातायात के नियमों का उल्लंघन करने पर आपको दोगुना नुकसान उठाना पड़ेगा। उत्तरप्रदेश में यह नियम दो कमरों और चार श्रेणियों दोनों प्रकार के वाहनों के लिए लागू है। अगर दो फ़ोनों की गाड़ी चलाते वक्त हेलीकॉप्टर नहीं पहना जाता तो यह आपके लिए भारी पड़ सकता है। साथ ही कार चलाने वाली सीट बेल्ट बेल्ट ना लगाने पर भी आपको अब दोगुना नुकसान भरना होगा।

आपको बता दें कि उत्तरप्रदेश यातायात के मुख्य सचिव राजेश कुमार सिंह की ओर से यह जानकारी दी गई कि अब उत्तरप्रदेश में गाड़ी चलाने के लिए हेलीकॉप्टर पहनने वाले 1,000 रुपये का ईंधन लगेगा जो पहले 500 रुपये था। अब इसे बढ़ा कर दोगुना कर दिया गया है। वहीं चार फ़ोन की गाड़ी चलाने के लिए सीट बेल्ट न पहनने पर भी एक हज़ार रूपये का कैंची भरना होगा। साथ ही आपको बता दें कि गाड़ी चलाने को फोन पर बात करना भी अब भारी पड़ेगा। नए नियमों के अनुसार, गाड़ी चलाने के समय मोबाइल पर बात करते हुए पहली बार पकड़े जाने पर 1,000 रुपए जुर्माना लगेगा। दूसरी बार में यह 10,000 रुपए हो जाएगा। उत्तरप्रदेश में यह नियम लागू हो चुके हैं।

जानिए क्या हैं नए नियम –

1 – उत्तरप्रदेश में अब बिना लाइसेंस के गाड़ी चलाने वालों को 5,000 रुपये का जुर्माना भरना होगा।

2 – बिना हेलिकॉप्टर चलाने वालों को भी 1,000 रुपये का जुर्माना भरना होगा।

3 – पहली बार पार्किंग का उल्लंघन करने पर 500 रुपए का जुर्माना रखा गया है। लेकिन यह गलत है दूसरी बार की तो 1,500 रुपए का जुर्माना भरना होगा।

4 – बिना सीट बेल्ट कार चलाने पर 1,000 रुपए का प्याज रखा गया है।

5 – बिना लाइसेंस गाड़ी चलाने पर 5,000 रुपये का जुर्माना भरना पड़ेगा।

6 – गाड़ी की गति सीमा नियम का उल्लंघन पर 4,000 रुपए का जुर्माना भरना होगा।

7 – अपने ड्राइविंग लाइसेंस की गलत जानकारी देने पर 10,000 तक का भारी जुर्माना भरना होगा।

8 – सड़क पर फायर ब्रिगेट और एम्बुलेंस वाहनों को रास्ता न देने पर भी 10,000 रुपये का जुर्माना भरना होगा।

9 – साथ ही पहले ट्रैफिक अधिकारियों के काम में बाधा डालने पर 1,000 रुपये का जुर्माना था, जिसे अब बढ़ाकर 2,000 रुपये कर दिया गया है।

10 – बता दें कि अब अवैध संशोधन करने के बाद वाहन बेचने पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगेगा।

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