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सामान्य निमोनिया से कैसे अलग है कोविड-19 निमोनिया, जानें लक्षण और इलाज

कोविड-19 निमोनिया के इलाज में मुख्य रूप से सपोर्टिव केयर पर फोकस किया जाता है.

कोविड-19 निमोनिया के इलाज में मुख्य रूप से सपोर्टिव केयर पर फोकस किया जाता है.

निमोनिया (Pneumonia), कोविड-19 (Covid-19) के सबसे कॉमन लेकिन बेहद गंभीर जटिलताओं में से एक है जो फेफड़ों (Lungs) के अलग-अलग हिस्सों को या फिर पूरे फेफड़े को एक साथ प्रभावित कर सकता है.



  • Last Updated:
    November 12, 2020, 11:53 AM IST

यह तो हम सभी जानते हैं कि निमोनिया (Pneumonia) फेफड़ों (Lungs) से जुड़ी बीमारी है जिसमें एक या दोनों फेफड़ों में मौजूद एयर सैक यानी वायु की थैली में तरल पदार्थ या पस भरने की वजह से सूजन आ जाती है. फेफड़ों से जुड़ा यह संक्रमण वायरस (Virus), बैक्टीरिया (Bacteria) या फंगस (Fungus) किसी की भी वजह से हो सकता है. ज्यादातर लोग निमोनिया को एक साधारण बीमारी समझते हैं लेकिन आंकड़ों पर गौर करें तो साल 2019 में दुनियाभर में निमोनिया की वजह से करीब 25 लाख लोगों की मौत हुई जिसमें से 6 लाख 72 हजार बच्चे शामिल थे. 5 साल से कम उम्र के बच्चों की मौत के लिए जिम्मेदार कारणों में पहला नाम निमोनिया का है.

लिहाजा लोगों के बीच इस बीमारी को लेकर जागरुकता फैलाने के मकसद से ही हर साल 12 नवंबर को वर्ल्ड निमोनिया डे मनाया जाता है जिसकी शुरुआत साल 2009 में हुई थी. इस दिन को सेलिब्रेट करने का मकसद निमोनिया से बचाव, बीमारी की रोकथाम और इलाज के लिए हस्तक्षेप को बढ़ावा देना है. इस साल कोविड-19 महामारी की वजह से निमोनिया के मामलों में और ज्यादा बढ़ोतरी हुई है और आंकड़ों की मानें तो इस साल कोविड-19 की वजह से निमोनिया से होने वाली मौतों में 75 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है. इसका कारण ये है कि निमोनिया, कोविड-19 के सबसे कॉमन लेकिन बेहद गंभीर जटिलताओं में से एक है जो फेफड़ों के अलग-अलग हिस्सों को या फिर पूरे फेफड़े को एक साथ प्रभावित कर सकता है.

नए कोरोना वायरस और निमोनिया के बीच क्या है कनेक्शन?नए कोरोना वायरस सार्स-सीओवी-2 से होने वाले इंफेक्शन कोविड-19 की शुरुआत तब होती है जब श्वसन बूदों में मौजूद वायरस हमारे शरीर में मौजूद ऊपरी श्वसन पथ में प्रवेश करता है. जैसे-जैसे वायरस की संख्या बढ़ने लगती है इंफेक्शन फेफड़ों तक पहुंच जाता है जो फेफड़ों में मौजूद हवा की छोटी-छोटी थैलियों और आसपास के ऊत्तकों को नुकसान पहुंचाने लगता है.

इस दौरान आपका इम्यून सिस्टम जैसे ही वायरस से लड़ना शुरू करता है फेफड़ों में इन्फ्लेमेशन होने लगती है जिससे उसमें तरल पदार्थ और मृत कोशिकाओं की संख्या बढ़ने लगती है. ये सारी चीजें ऑक्सीजन के प्रवाह को बाधित करती हैं जिससे खांसी और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं शुरू होती हैं और कोविड-19 संक्रमण से पीड़ित मरीज को निमोनिया भी हो जाता है. कई बार कोविड-19 निमोनिया के मरीज में एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम (एआरडीएस) भी हो जाता है और ऐसे लोगों को सांस लेने के लिए मेकैनिकल वेंटिलेशन की जरूरत पड़ती है.

सामान्य निमोनिया से कैसे अलग है कोविड-19 निमोनिया
वैसे तो कोविड-19 निमोनिया के ज्यादातर लक्षण, सामान्य वायरल निमोनिया जैसे ही होते हैं, जिस वजह से कोविड-19 या किसी और श्वसन संबंधी इंफेक्शन का टेस्ट किए बिना यह बता पाना मुश्किल होता है कि आखिर किस वजह से मरीज में यह स्थिति उत्पन्न हुई है. कोविड-19 निमोनिया को लेकर अब तक जितनी भी स्टडीज हुई हैं उनमें से एक स्टडी में सीटी स्कैन और लैब टेस्ट की मदद से कोविड-19 निमोनिया और बाकी तरह के निमोनिया के क्लिनिकल लक्षणों के बीच तुलना की गई.

इस दौरान अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि कोविड-19 निमोनिया वाले लोगों में ये 3 चीजें देखने को मिलती हैं-

  • निमोनिया जो सिर्फ एक फेफड़े को नहीं बल्कि दोनों फेफड़ों को प्रभावित करता है
  • सीटी स्कैन के माध्यम से पता चला कि फेफड़ों में “ग्राउंड-ग्लास” जैसा कुछ नजर आ रहा था
  • कुछ लैब टेस्ट्स में भी असामान्यताएं दिखीं, विशेष रूप से लिवर फंक्शन की जांच करने वाले में

कोविड-19 निमोनिया के लक्षण
कोविड-19 निमोनिया के लक्षण वैसे तो सामान्य निमोनिया जैसे ही होते हैं जिसमें शामिल है.

  • बुखार
  • थकान
  • सूखी खांसी
  • कंपकंपी
  • सांस लेने में तकलीफ
  • सीने में दर्द जो खांसने पर बढ़ जाए
  • कमजोरी
  • नाक बहना (राइनोरिया)
  • गले में दर्द
  • डायरिया

कोविड-19 निमोनिया का इलाज
वैसे तो अभी तक दुनियाभर में कोविड-19 का कोई स्पष्ट या विशिष्ट इलाज विकसित नहीं हो पाया है इसलिए मरीज के लक्षणों के आधार पर ही उसका इलाज किया जाता है. बावजूद इसके कई अलग-अलग तरह की दवाइयों और संभावित थेरेपीज की मदद से मरीजों का इलाज हो रहा है.

  • कोविड-19 निमोनिया के इलाज में मुख्य रूप से सपोर्टिव केयर पर फोकस किया जाता है. इसमें मरीज के लक्षणों को कम करने की कोशिश करना और यह सुनिश्चित करना शामिल होता है कि मरीज को पर्याप्त ऑक्सीजन मिले.
  • कोविड-19 निमोनिया के मरीज को ऑक्सीजन थेरेपी दी जाती है और गंभीर मामलों में मरीज को वेंटिलेटर पर भी रखना पड़ सकता है.
  • कई बार वायरल निमोनिया से पीड़ित मरीज में एक सेकंडरी बैक्टीरियल इंफेक्शन भी हो जाता है जिसके इलाज के लिए एंटीबायोटिक्स भी दी जाती है.
  • मरीज के शरीर में तरल पदार्थों का इनटेक बढ़ाने के लिए इन्ट्रावीनस फ्लूइड्स भी दिए जाते हैं.
  • इसके अलावा मरीज के बुखार को कम करने के लिए ज्वरनाशी दवाइयां भी दी जाती हैं.अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल कोविड-19 और निमोनिया के बारे में पढ़ें. न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.

अस्वीकरण : इस लेख में दी गयी जानकारी कुछ खास स्वास्थ्य स्थितियों और उनके संभावित उपचार के संबंध में शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी योग्य और लाइसेंस प्राप्त चिकित्सक द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवा, जांच, निदान और इलाज का विकल्प नहीं है। यदि आप, आपका बच्चा या कोई करीबी ऐसी किसी स्वास्थ्य समस्या का सामना कर रहा है, जिसके बारे में यहां बताया गया है तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। यहां पर दी गयी जानकारी का उपयोग किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या बीमारी के निदान या उपचार के लिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के ना करें। यदि आप ऐसा करते हैं तो ऐसी स्थिति में आपको होने वाले किसी भी तरह से संभावित नुकसान के लिए ना तो myUpchar और ना ही News18 जिम्मेदार होगा।



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