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नोटों से भी फैल सकता है कोरोना, बचाव के लिए RBI ने दिए ये सुझाव | health – News in Hindi

कोरोना वायरस (Coronavirus) वायरसों का एक बड़ा परिवार है जो सामान्य सर्दी-जुखाम से लेकर अधिक गंभीर बीमारियों का कारण बनता है. एक नए कोरोना वायरस (Covid-19) की पहचान चीन (China) के वुहान में 2019 में हुई थी. यह एक नया कोरोना वायरस था, जो इससे पहले कभी मनुष्यों में नहीं पाया गया है. यह मनुष्यों से मनुष्यों में फ़ैलने वाली बीमारी हैं. कोरोना वायरस का संक्रमण (Coronavirus Infection) दुनिया के 200 से ज्यादा देशों में फैल चुका हैं. कोरोना वायरस किसी भी सतह पर कई घंटे जीवित रह सकता है.

करेंसी नोट के जरिये फैल सकता है वायरस
कोरोना वायरस के कारण पूरी दुनिया में दहशत का माहौल है. करेंसी नोट के जरिये कोरोना वायरस फैल सकता है. वायरस के वाहक के रूप में करेंसी नोटों के उपयोग की चिंताओं को दर्शाती हैं. कागज से बने करेंसी नोट महामारी बन चुके कोरोना वायरस को फैलने में सहायक साबित हो सकते हैं. कोरोना वायरस के चलते हर छोटी-बड़ी चीजों को लेकर सावधानी बरती जा रही है. ऐसे में दैनिक जरूरतों में एक चीज ऐसी है, जिसकी वजह से कोरोना का खतरा बढ़ सकता है. पैसों के लेन-देन से भी कोरोना संक्रमण का खतरा हो सकता है.

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कागज के नोट पर हुए एक शोध से यह बात सामने आई है कि एक नोट में हजारो बैक्टीरिया होते हैं, जो इंसान के हाथों से शरीर में प्रवेश कर स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाते हैं. इसी तर्ज पर ये अनुमान लगाया जा रहा है कि कोरोना वायरस भी कागज के नोटों से फैल सकता है. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की तरफ से अब एक नई गाइडलाइन जारी की गई है, जिसे कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने में एक अहम कदम बताया जा रहा है. यह गाइडलाइन कैश लेने और देने के बारे में है. कोरोना वायरस महामारी को रोकने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने सुझाव दिए हैं.

भुगतान के डिजिटल साधनों का प्रयोग करें
कोरोना वायरस महामारी को रोकने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने सुझाव दिया है कि जनता फिलहाल नकदी उपयोग करने से बचे और लेन-देन के लिए भुगतान के डिजिटल साधनों का प्रयोग करे. लोग एनईएफटी, आईएमपीएस, यूपीआई और बीबीपीएस जैसी फंड ट्रांसफर की सुविधाओं का इस्तेमाल करे, जो चौबीसों घंटे उपलब्ध हैं. आरबीआई के मुख्य महाप्रबंधक योगेश दयाल ने कहा है, ‘नकद राशि भेजने या बिल का भुगतान करने के लिए भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने की आवश्यकता हो सकती है. इसके लिए दो लोगों में संपर्क भी होता है, जिससे फ़िलहाल बचने की ज़रूरत है.’

नगद लेन-देन से कैसे हो सकता है संक्रमण

कोरोना वायरस का संक्रमण खांसी से फैलता है.अगर उस व्यक्ति को खांसी आएगी, तो वह अपने हाथों का इस्तेमाल जरूर करेगा. नगद लेन-देन में आप अपने हाथों का इस्तेमाल जरूर करेंगे. अगर इसके बाद हाथ साफ नहीं किए गए हैं, तो आप तक ये संक्रमण बड़ी आसानी से पहुंच सकते हैं.

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पॉलिमर करेंसी चलाने का सुझाव
अखिल भारतीय व्यापारी परिसंघ (सीएआईटी)ने सरकार से यह अपील भी की है, भारत सरकार मौजूदा स्थिति को देखते हुए सिंथेटिक पॉलिमर से बनने वाले करेंसी नोट लाने पर विचार करे जिनके जरिए संक्रमण फैलने का खतरा कागज के नोटों की तुलना में कम बताया जाता है.



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